पिज्जा खाते-खाते 3 साल के बेटे के पेशाब में आया खून, निकला Cancer ... अगले 5 साल बदल गई Emraan Hashmi की दुनिया

punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 04:11 PM (IST)

Emraan Hashmi : बॉलीवुड के रोमांस किंग इमरान खान इन दिनों अपनी फिल्म आवारापन 2 की कामयाबी का आनंद ले रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और रिलीज के कुछ ही दिनों में दुनियाभर में 100 करोड़ से भी ज्यादा कमाई कर चुकी है। हालांकि, एक वक्त ऐसा भी था जब इमरान के लिए करियर की सफलता और उपलब्धियां बिल्कुल मायने नहीं रखती थीं। साल 2014 में उनकी जिंदगी ने उस समय बड़ा मोड़ लिया, जब उनके महज तीन साल के बेटे अयान को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा। हाल ही में हुए एक पॉडकास्ट के दौरान इमरान ने उस मुश्किल समय को याद  किया और बताया की कैसी बेटे के इलाज के दौरान परिवार ने करीब पांच साल तक बेहद कठिन संघर्ष किया। 

पिज्जा खाते-खाते बदल गई पूरी दुनिया 
एक पॉडकास्ट के दौरान इमरान हाशमी ने जनवरी 2014 के उस भयानक दिन को याद किया और कहा कि इस दिन को मैं अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकता। 13 जनवरी 2014 के दिन इमरान हाशमी अपनी पत्नी और 3 साल के बेटे के साथ लंच पर गए। उस समय हम तीनों पिज़्जा खा रहे थे तो और उस दौरान कुछ ऐसा हुआ की हमारी पूरी दुनिया हिल गई। उन्होंने देखा कि उनके बेटे के पेशाब में खून निकलने गया और ये देखने के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई  और वो उसी समय अपने बेटे को लेकर डॉक्टर के पास चले गए। डॉक्टर ने बताया कि हमारे बेटे को कैंसर है और अगले दिन उसकी सर्जरी की तैयारी करनी पड़ी। इन्ही 12 घंटों के दौरान इमरान की पूरी जिंदगी बदल गई। जहां कुछ समय पहले सारा परिवार खुशियां मना रहा था और उसी के अगले पल अचानक बीमारी और परेशानियों ने उसकी जगह ले ली। 

 Emraan Hashmi Son Cancer

बेटे अयान को हुआ था विल्म्स ट्यूमर 
जिस समय ये घटना हुई, उस समय इमरान के बेटे की उम्र सिर्फ 3 साल की थी। पूरी तरह जांच करने के बाद पता चला कि अयान विल्म्स ट्यूमर नाम की बीमारी से ग्रसित था। अपने छोटे से बेटे को इस हालत में देखना उनके लिए बहुत दुखदायी था क्योंकि इससे पहले उनको बीमारी से जुड़े कोई संकेत नहीं मिले थे। अचानक इस बीमारी ने उन्हें तोड़ के रख दिया। 

बेटे के सामने खुद बने मजबूत 
इमरान ने बताया कि बेटे का इलाज करवाना उनके लिए मुश्किल नहीं था बल्कि बेटे के सामने अपने दर्द और डर को छुपाना सबसे मुश्किल काम था। जब डॉक्टरों ने कैंसर की पुष्टि की, तब दोनों ने बेटे के सामने खुद को संभाले रखा और आंसू नहीं बहाए। वे अयान से दूर दूसरे कमरे में जाते और वहां जाकर खुद 
फूट-फूट कर रो लेते ताकि उनके छोटे से बेटे के मन पर इस मुश्किल परिस्थिति का बुरा असर न पड़े। 

 इमरान ने बताया कि शुरुआती सात दिन उनके और परवीन के लिए बेहद भावुक और चुनौतीपूर्ण रहे। इसके बाद दोनों ने तय किया कि अयान के सामने वे हमेशा हिम्मत और सकारात्मकता दिखाएंगे। इलाज के शुरूआती 6 महीनों में अयान को सर्जरी और  कीमोथेरेपी जैसी तकलीफदेह प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। इस कठिन सफर के दौरान माता-पिता के हर कदम पर उनका हौंसला बढ़ाया और उसे यही महसूस कराया कि वह जल्दी ठीक  हो जाएगा। 

 Emraan Hashmi Son Cancer

अगले 5 साल इमरान के लिए बहुत खौफनाक थे 

छह महीने तक चले इलाज का अहम चरण पूरा होने के बाद भी इमरान हाश्मी और उनके परिवार को पूरी तरह राहत नहीं मिली थी। उन्हें लगातार इस बात का डर बना रहता था कि कहीं बिमाश्री दोबारा वापस न आ जाए। इसी वजह से अगले करीब पांच वर्षों तक अयान की सेहत पर बारीकी से नजर रखी गई और हर तीन महीने में उसके जरुरी मेडिकल टेस्ट करवाए जाते थे। 

इमरान का कहना है कि उस समय अयान की उम्र बेहद कम थी, इसलिए उसे इलाज के दौरान हुई तकलीफों की बहुत ज्यादा यादें नहीं हैं। हालांकि, उनका मानना है कि इतने कठिन दौर का असर उसके अवचेतन मन पर कहीं न कहीं जरूर रहा होगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Prachi Sharma

Related News