Vrat Tyohar 2026: पति की रक्षा और अखंड सौभाग्य के लिए साल भर के 5 प्रमुख व्रत, यहां देखें तारीखें
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 07:57 AM (IST)
Festival List 2026: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं द्वारा रखे जाने वाले व्रतों का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महिलाएं वर्ष भर कई महत्वपूर्ण व्रत करती हैं। माना जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये व्रत पति को संकटों से बचाने और दांपत्य जीवन को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।
साल 2026 में भी विवाहित स्त्रियां पति की दीर्घायु के लिए कई विशेष व्रत रखेंगी। इनमें वट सावित्री, तीज और करवा चौथ जैसे प्रमुख व्रत शामिल हैं। आइए जानते हैं Hindu Festival Vrat Tyohar 2026 की पूरी लिस्ट और इन व्रतों का धार्मिक महत्व।

वट सावित्री व्रत 2026
वट सावित्री अमावस्या – 16 मई 2026
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट (बरगद) वृक्ष की पूजा कर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति की आयु बढ़ती है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है। इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है।
वट सावित्री पूर्णिमा – 29 जून 2026
अमान्त और पूर्णिमान्त पंचांग के अंतर के कारण कुछ क्षेत्रों में वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा को मनाया जाता है, जिसे वट पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है।

हरियाली तीज – 15 अगस्त 2026
हरियाली तीज का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंआरी कन्याएं भी इस व्रत को मनचाहा वर पाने के लिए रखती हैं।

हरतालिका तीज – 14 सितंबर 2026
हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

करवा चौथ – 29 अक्टूबर 2026
करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन की रक्षा करता है।
धार्मिक मान्यता
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, इन व्रतों को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर महिलाएं अपने पति को बड़े से बड़े संकट से बचा सकती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

