Holi 2026 Date in India: जानें, कब है होलिका दहन और रंगवाली होली
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 10:33 AM (IST)
Holi 2026 Date in India: होली की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है। कई लोग 3 मार्च को रंगों वाली होली मान रहे हैं, जबकि कुछ 4 मार्च की बात कर रहे हैं। अगर आप भी होली 2026 की सही तारीख जानना चाहते हैं, तो यहां आपको रंगवाली होली और होलिका दहन की पूरी और सही जानकारी दी जा रही है।

होली 2026 कब है? (Holi 2026 Date)
होली का पर्व हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के अगले दिन मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। इस दिन देशभर में लोग रंग, गुलाल और पिचकारी के साथ होली खेलेंगे।
होली को देश के अलग-अलग हिस्सों में धुलंडी, फगुआ और रंगवाली होली के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा-वृंदावन, काशी, उज्जैन और बरसाना में होली के खास और पारंपरिक रंग देखने को मिलते हैं।

Holika Dahan 2026 date and auspicious time होलिका दहन 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार:
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि आरंभ: 2 मार्च 2026, शाम 5:55 बजे
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 5:07 बजे
इसी कारण होलिका दहन 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को किया जाएगा।

Holika Dahan auspicious time होलिका दहन शुभ मुहूर्त:
शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक। इस दौरान विधि-विधान से होलिका दहन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

होली के दिन क्या करें? (Holi Do’s)
होली के दिन राधा-कृष्ण, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करें।
सबसे पहले देवी-देवताओं को रंग, गुलाल, फूल और मिठाई अर्पित करें।
घर में साफ-सफाई रखें और सकारात्मक वातावरण बनाएं।
बुजुर्गों से आशीर्वाद लें और आपसी गिले-शिकवे भूलकर मेल-जोल बढ़ाएं।
होली के दिन क्या न करें? (Holi Don’ts)
होली के दिन दूध, दही और चीनी जैसी सफेद चीजों का दान न करें।
कपड़े, सरसों का तेल, लोहे, स्टील और कांच से बनी वस्तुओं का दान न करें।
केमिकल युक्त रंगों का उपयोग करने से बचें।
किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।
होली का पारंपरिक स्वाद
होली के दिन घर-घर में खास पकवान बनाए जाते हैं। बिहार में मालपुआ, उत्तर भारत में गुजिया और पूरे देश में ठंडाई होली का प्रमुख पेय मानी जाती है। इन पकवानों के बिना होली का त्योहार अधूरा माना जाता है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
