Vijaya Ekadashi 2026 Date: 13 फरवरी को रखें विजया एकादशी व्रत, भगवान विष्णु को अर्पित करें ये चीजें
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 02:11 PM (IST)
Vijaya Ekadashi 2026: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी इस वर्ष 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत एवं विधिपूर्वक पूजा करने से साधक को प्रत्येक कार्य में विजय प्राप्त होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। विजया एकादशी का व्रत विशेष रूप से सफलता, बाधा निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है।

तिथि और शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026, दोपहर 12:22 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026, दोपहर 02:25 बजे
व्रत रखा जाएगा: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार
इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी विधिपूर्वक पूजा का विधान है। पूजा में कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से श्रीहरि अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

विजया एकादशी पर भगवान विष्णु को क्या चढ़ाएं?
तुलसी दल
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। तुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए पूजा एवं भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें।
पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत भगवान विष्णु को अर्पित करें। मान्यता है कि पंचामृत का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
सूखे मेवे
एकादशी के दिन बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट और मूंगफली जैसे सूखे मेवे अर्पित करना शुभ माना गया है। यह समृद्धि और ऊर्जा का प्रतीक है।
मौसमी फल
भगवान विष्णु को ताजे और मौसमी फल चढ़ाएं। विशेष रूप से केले का भोग अवश्य लगाएं। फल अर्पित करने से सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
मखाने की खीर
विजया एकादशी पर मखाने की खीर का विशेष महत्व है। इसे भगवान विष्णु का प्रिय भोग माना जाता है। श्रद्धा से अर्पित की गई खीर भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली मानी जाती है।
पुष्प और माला
कमल, गुलाब, गेंदा के फूल एवं माला अर्पित करें। इसके अतिरिक्त चंपा, चमेली, पारिजात (हरसिंगार), मालती और कनेर के फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।
पीले वस्त्र
पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान विष्णु जी को पीले वस्त्र अर्पित करें और चौकी पर भी पीला वस्त्र बिछाएं। इसके बाद मूर्ति या चित्र स्थापित कर पूजा आरंभ करें।
चंदन
भगवान विष्णु को चंदन अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय श्रीहरि को चंदन का तिलक अवश्य लगाएं।

विजया एकादशी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। यह व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

