वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा: बिना लकड़ी की चौखट भी देगी वास्तु लाभ, जानें मुख्य द्वार से जुड़े प्राचीन और आधुनिक बदलावों का सच
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 01:47 PM (IST)
Vastu for Main Door Frame: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार के आसपास लगने वाली चैखट (डोर फ्रेम) का विशेष महत्व है। प्राचीन समय में दरवाजे के चारों तरफ (ऊपर, नीचे और दोनों साइड) लकड़ी का फ्रेम होती थी, लेकिन आजकल चैखट दरवाजे के ऊपर और दायें-बायें लगाई जाती है, लेकिन इसके नीचे की फ्रेम नहीं लगाई जा रही है, अर्थात् यह तीन तरफ ही लग रही है फिर भी इसे चैखट ही कहा जाता है। प्राचीन काल में सामान्यतः मकान प्लिंथ हाइट पर न बनाते हुए जमीन की हाइट पर ही बना दिये जाते थे। चैखट के नीचे की फ्रेम इसलिए लगाई जाती थी क्योंकि कोई रेंगने वाला जीव-जन्तु घर के अंदर प्रवेश न कर सके। वर्तमान समय में बनने वाले घरों में इसकी जरूरत भी नहीं है और व्यावहारिक रूप से सही भी नहीं है, क्योंकि आजकल व्हील्स/पहिये का उपयोग हर छोटी-बड़ी चीज में होने लगा है जैसे सूटकेस, व्हील चेयर, बच्चों की साइकिल, खिलौने इत्यादि।

इसी प्रकार मुख्य द्वार प्राचीन समय में दो पल्ले के बनते थे जो केवल अंदर की ओर ही खुलते थे, लेकिन वर्तमान समय में अधिकतर एक पल्ले का दरवाजे बन रहे हैं। इसके अलावा दरवाजा अंदर की तरफ खुले या बाहर की तरफ इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता है।
प्राचीन समय में आबादी कम थी और जंगल ज्यादा थे तथा लकड़ी की उपलब्धता भरपूर मात्रा में थी इसीलिए लकड़ी की चौखट लगाई जाती थी, उस समय लकड़ी सस्ती भी होती थी। वर्तमान में बढ़ती आबादी और घटते जंगल के कारण लकड़ी की उपलब्धता कम होने के साथ-साथ यह महंगी भी हो गई है। इसीलिए अधिकतर लोग लकड़ी की चौखट न लगाते हुए ग्रेनाइट, मार्बल, पत्थर, एल्युमीनियम, लोहे इत्यादि की चौखट लगाने लगे हैं। यह मजबूत भी होती है और लंबे समय तक चलती भी है।

अनुभव में भी आया है कि जिन घरों में लकड़ी के अलावा अन्य धातु की चौखट लगी है उन्हें इस कारण कोई समस्या नहीं आ रही है। इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि चौखट की लम्बाई, चौड़ाई से डबल या उससे ज्यादा ही हो। बारिश का पानी घर में न आये इसके लिए दरवाजे के नीचे एक या आधा इंच ऊंची पत्थर की पट्टी लगा सकते हैं।
चौखट पर ओम, स्वास्तिक, गणेश जी इत्यादि मांगलिक चिन्ह लगाना और चौखट को सजाना आपकी आस्था का विषय है। चौखट के नीचे चांदी के तार या सिक्के इत्यादि रखना यह भी आपकी आस्था का विषय है। आपके मन को अच्छा लगता है तो आप यह कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहे वास्तु में इनका कोई शुभ-अशुभ प्रभाव नहीं होता है।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
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