Home Construction: घर की मुख्य सीढ़ियों में न करें ये वास्तु गलतियां, जानें सड़क से कितनी ऊंची हो प्लिंथ और कहां बनाएं ठोस या खोखले टप्पे!
punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 10:31 AM (IST)
Vastu Architecture: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य प्रवेश द्वार की सीढ़ियां केवल चढ़ने का रास्ता नहीं हैं, बल्कि ये घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का माध्यम भी हैं। अक्सर लोग घर बनाते समय सड़क से प्लिंथ की ऊंचाई और सीढ़ियों की दिशा को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार आपकी सीढ़ियां अंदर होनी चाहिए या बाहर और क्या वाकई सीढ़ियों की संख्या का सम या विषम होना आपके भाग्य को प्रभावित करता है।

सामान्यतः सभी भवन सड़क से थोड़ा ऊंचा करके प्लिंथ हाइट पर बनाये जाते हैं। सड़क से भवन की ऊंचाई दिशा के आधार पर निर्धारित होती है। उत्तर या पूर्व दिशा में भवन की ऊंचाई सड़क से थोड़ी ज्यादा रख सकते हैं लेकिन दक्षिण या पश्चिम दिशा में भवन की ऊंचाई सड़क से ज्यादा नहीं रखना चाहिए। इस ऊंचाई के आधार पर ही भवन में अंदर जाने के लिए 2-4 स्टेप्स या रैम्प बनाया जाता है। यह स्टेप्स किस दिशा में कहां और कैसे बने हैं वास्तु में इसका बहुत महत्व है। इसीलिए घर में स्टेप्स बनाते समय निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें-

उत्तर या पूर्व दिशा में स्टेप्स नीचे से हाॅलो अर्थात खोखले होना चाहिए, इस दिशा में ठोस स्टेप्स बिल्कुल नहीं बनाने चाहिए। यहां स्टेप्स अंदर से खाली रखते हुए स्लैब डालकर या पत्थर रखकर ही बनाना चाहिए।
दक्षिण या पश्चिम दिशा में स्टेप्स बनाते हैं तो यहां ठोस स्टेप्स बनाये जा सकते हैं।

जरूरत होने पर उत्तर या पूर्व दिशा में यह स्टेप्स भवन के अंदर भी बना सकते हैं अंदर बनाते समय इन्हें अंदर से हाॅलो/खोखला रखने की जरूरत नहीं है, लेकिन दक्षिण या पश्चिम दिशा में यह स्टेप्स भवन के बाहर ही बना सकते हैं, अंदर नहीं बनाना चाहिए।
स्टेप्स के लिए सम संख्या जैसे 2, 4 को अशुभ माना गया है और विषम संख्या जैसे 3, 5 को शुभ माना गया है। लेकिन मेरे अनुभव के आधार पर यह गलत जानकारी है, भवन में अपनी सुविधा अनुसार सम या विषम जितनी चाहे स्टेप्स रख सकते हैं।
स्टेप्स को लेकर यह भी जानकारी दी जाती है कि चढ़ते समय पहला पैर दाहिना और घर में घुसते समय भी दाहिना पैर होना चाहिए लेकिन मेरे अनुभव के आधार पर यह जानकारी भी सही नहीं है। स्टेप से चढ़ते समय और घर में घुसते समय कोई सा भी पैर हो, इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।

स्टेप की ऊंचाई 6-7 इंच से ज्यादा न रखें ताकि बच्चे, महिलायें और बुजुर्ग आदि आसानी से चढ़ सके, इसकी गहराई 10-12 इंच रखें ताकि पैर पूरा स्टेप पर आ सके। स्टेप्स की चैड़ाई आप अपनी सुविधा अनुसार रख सकते हैं, जोकि सामान्यतः मुख्य द्वार के बराबर या उससे थोड़ी बड़ी होती है। स्टेप्स में 2-3 मिमी. का ढाल दें ताकि बरसात का पानी वहां से आसानी से निकल जाये।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com

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