Ujjain Mahakaleshwar Mandir : आस्था के आगे सब फेल ! 12 दिनों में उज्जैन पहुंचे 29 लाख श्रद्धालु, मंदिर समिति की हुई बंपर कमाई
punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 11:11 AM (IST)
Ujjain Mahakaleshwar Mandir : उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में साल के अंत और नए साल की शुरुआत में आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने इतिहास रच दिया है। 25 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच यानी मात्र 12 दिनों के भीतर, बाबा महाकाल के दरबार में 29 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। भक्तों की इस भारी संख्या ने न केवल दर्शन के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए, बल्कि मंदिर के खजाने और महाप्रसाद की मांग में भी भारी उछाल ला दिया। इन 12 दिनों के दौरान श्रद्धा और समर्पण का संगम ऐसा था कि मंदिर को करोड़ों की आय हुई और सैकड़ों क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री हुई।
श्रद्धालुओं का महाकुंभ (25 दिसंबर - 5 जनवरी)
महज 12 दिनों के भीतर 29 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। सबसे ज्यादा भीड़ 1 जनवरी 2026 को रही, जब एक ही दिन में 6.12 लाख लोग मंदिर पहुंचे। 31 दिसंबर को सबसे कम यानी लगभग 1.53 लाख भक्तों ने दर्शन लाभ लिया।
मंदिर की आय और खजाना
भारी भीड़ का सीधा असर मंदिर की आय पर भी दिखा। इन 12 दिनों में मंदिर समिति को कुल ₹8.40 करोड़ की जबरदस्त आय हुई है। प्रोटोकॉल और पेड टिकट व्यवस्था से मंदिर को ₹5.39 करोड़ प्राप्त हुए। 26 दिसंबर को सबसे अधिक ₹69.65 लाख की कमाई हुई। 1 जनवरी को दान और रसीदों से ₹16.90 लाख का संग्रह हुआ।
प्रसाद की भारी बिक्री (लड्डू महाप्रसाद)
भक्तों ने बाबा के प्रसाद के प्रति भी अपार श्रद्धा दिखाई। इस अवधि में 500 क्विंटल से अधिक लड्डू प्रसाद की बिक्री हुई। लगभग 643 क्विंटल लड्डू बांटे गए, जिसकी कुल कीमत करीब ₹4 करोड़ रही। इसमें ₹2.73 करोड़ के बेसन लड्डू और ₹32.50 लाख के रागी लड्डू (श्री अन्न प्रसाद) शामिल थे। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने लड्डू प्रसाद के काउंटर 24 घंटे खुले रखे थे।
प्रशासनिक व्यवस्था
मंदिर प्रशासक के अनुसार, साल के अंत में होने वाली इस भारी भीड़ का अनुमान पहले ही लगा लिया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'हरसिद्धि मंदिर' और 'नीलकंठ द्वार' के पास अतिरिक्त काउंटर शुरू किए गए थे, ताकि दर्शन और प्रसाद वितरण सुचारू रूप से चल सके।
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