PICS: गणेश चतुर्थी पर विनायक रूप में दिखे बाबा महाकाल, भस्म आरती में हुआ अलौकिक श्रृंगार, शेषनाग मुकुट और मुंडमाला में सजे अवंतिकानाथ
punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 11:41 AM (IST)
पंजाब केसरी (उज्जैन): धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा परिसर महाकाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस विशेष अवसर पर पंडे-पुजारियों ने बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक करने के उपरांत उनका गजानन (गणेश) स्वरूप में ऐसा मनमोहक व दिव्य श्रृंगार किया कि दर्शन करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भावविभोर और मंत्रमुग्ध हो गए।

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। सोमवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के पट खुले। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देव प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा का अभिषेक किया गया। गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर भगवान महाकाल को रजत आभूषण धारण कराए गए। बाबा को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित करने के बाद उनका गणेश स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाओं से बाबा का श्रृंगार किया गया। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के श्रद्धालु मंत्रमुग्ध नजर आए।

भस्म आरती की परंपरा के अनुसार प्रथम घंटाल बजाकर भगवान का ध्यान और मंत्रोच्चार किया गया। हरिओम का जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती हुई। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।

भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

