Dahi Handi 2026: मुंबई-ठाणे में 5 सितंबर को सजेगा दही हांडी का महामंच, जानें प्रमुख वेन्यू, टाइमिंग और जरूरी सेफ्टी गाइडलाइंस

punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 11:18 AM (IST)

Dahi Handi 2026: महानगर मुंबई और ठाणे में एक बार फिर ढोल-ताशों की गूंज और 'गोविंदा आला रे' के जयकारों के साथ आसमान छूने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन यानी शनिवार, 5 सितंबर 2026 को दही हांडी उत्सव की धूम रहेगी, जहां गोविंदाओं की टोलियां गगनचुंबी मानव पिरामिड बनाकर मटकियां फोड़ेंगी। यदि आप भी इस रोमांचक उत्सव का हिस्सा बनने या इसे देखने के लिए बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं आयोजन के प्रमुख केंद्र, सही समय और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा व ट्रैफिक की जरूरी हिदायतें।

Dahi Handi 2026
दही हांडी 2026: कब और किस समय शुरू होगा मुकाबला?
पंचांग के अनुसार, जहां 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी, वहीं 5 सितंबर को दही हांडी का रोमांचक पर्व शुरू होगा। आयोजकों के अनुसार, इस उत्सव का कोई एक निश्चित समय तय नहीं है। अलग-अलग स्थानीय मंडल और बड़े आयोजक अपनी सुविधा के अनुसार सुबह से लेकर देर शाम तक अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। ऐसे में दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे जिस भी क्षेत्र में जाना चाहते हैं, वहां के स्थानीय कार्यक्रम का शेड्यूल पहले ही पता कर लें।

इन इलाकों में सजेगा गोविंदाओं का महामंच (प्रमुख वेन्यू)
दही हांडी का यह पारंपरिक खेल मुंबई के किसी एक मैदान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी मुंबई और उपनगरों की सड़कों पर इसकी धूम देखने को मिलती है। इस बार सबसे ज्यादा उत्साह और बड़े आयोजन निम्नलिखित क्षेत्रों में देखने को मिलेंगे:

मुंबई और उपनगर: दादर, गोरेगांव, अंधेरी, लोअर परेल और नवी मुंबई।

ठाणे और आसपास: ठाणे वेस्ट, नौपाड़ा और पंचपखाड़ी। ठाणे के नौपाड़ा और पंचपखाड़ी इलाके अपने विशालकाय दही हांडी आयोजनों और भारी इनामों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।

Dahi Handi 2026

रोमांच के साथ सुरक्षा भी जरूरी: पिरामिड में न लें कोई जोखिम
दही हांडी का खेल जितना रोमांच से भरा है, इसमें उतना ही बड़ा जोखिम भी शामिल होता है। संतुलन बिगड़ने, थकान, फिसलने या भीड़ के दबाव के कारण गोविंदाओं के ऊंचाई से गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेषज्ञों ने इस संबंध में सख्त हिदायतें जारी की हैं:

प्रशिक्षित निगरानी में अभ्यास: गोविंदा पथक ऊंचे मानव पिरामिड बनाने का अभ्यास केवल प्रशिक्षित और अनुभवी लोगों की देखरेख में ही करें।

सेफ्टी गियर का उपयोग: ऊंचाई पर चढ़ने वाले गोविंदाओं के लिए हेलमेट, सुरक्षा हार्नेस, सेफ्टी नेट और नीचे सुरक्षात्मक मैट का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। इसके साथ ही आयोजन स्थलों पर मेडिकल टीम की मौजूदगी भी आवश्यक है।

दर्शकों के लिए विशेष गाइडलाइंस: भूलकर भी न करें ये गलतियां
यदि आप दही हांडी का मुकाबला देखने जा रहे हैं, तो खुद की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। हमेशा आयोजकों द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पीछे रहकर ही उत्सव का आनंद लें।

मानव पिरामिड के बिल्कुल पास जाने या उसके ठीक नीचे खड़े होने की भूल कतई न करें।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके हाथ में अपना संपर्क नंबर जरूर रखें।

शरीर में पानी की कमी न होने दें, अपने साथ पीने का पानी रखें।

भीड़ में चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें और अचानक होने वाली बारिश या पानी की बौछारों से अपने मोबाइल को बचाने के लिए वॉटरप्रूफ कवर का इस्तेमाल करें।

ट्रैफिक जाम से बचने का अचूक फॉर्मूला
बड़े आयोजनों के कारण मुंबई और ठाणे की कई प्रमुख सड़कों पर अस्थायी रूप से रास्ते बंद किए जा सकते हैं, ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है और नो-पार्किंग जोन लागू हो सकते हैं। ऐसे में अपनी कार या निजी वाहन से निकलने के बजाय निम्नलिखित सुझावों को अपनाएं:

सफर के लिए लोकल ट्रेन या मेट्रो का अधिकतम उपयोग करें।
दादर, घाटकोपर और ठाणे जैसे व्यस्त इलाकों में स्टेशन से आगे जाने के लिए स्थानीय परिवहन का उपयोग करें या पैदल रास्ते का विकल्प चुनें।

घर से निकलने से पहले पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी को एक बार जरूर पढ़ लें।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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