Ganesh temples outside India: विदेशों में गणेश मंदिर, जानें अन्य देशों में किस रूप में पूजे जाते हैं बप्पा
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 05:37 PM (IST)
Ganesh temple in world: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव का स्थान प्राप्त है और भारत में उन्हें लंबोदर, गजानन तथा विघ्नहर्ता जैसे नामों से पूजा जाता है । भारत के बाहर भी विभिन्न देशों में बप्पा के कई अनोखे रूप विराजमान हैं, जहां भक्त उनकी श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं:

नेपाल: लोक मान्यताओं के अनुसार, नेपाल में सबसे पहले गणेश जी की स्थापना सम्राट अशोक की पुत्री चारुमित्रा ने की थी। यहां गणेश उत्सव के दौरान बहुत उत्साह देखा जाता है और लोग बप्पा को सिद्धिदाता और संकटमोचन के रूप में पूजते हैं, जो सभी परेशानियों का समाधान करते हैं।
इंडोनेशिया: इस द्वीप पर रहने वाले लोगों के लिए गणेश जी की मूर्तियां विशेष रूप से भारत से मंगवाई जाती हैं। यहां भगवान गणेश को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। यहां की सबसे अनूठी बात यह है कि इंडोनेशिया के 20,000 के नोट पर भी गणेश जी की तस्वीर छपी हुई है।

तिब्बत: तिब्बत में लोग गणेश जी की पूजा संकटमोचन के रूप में करते हैं। यहां मान्यता है कि भगवान गणेश भक्तों की दुष्टात्माओं के दुष्प्रभावों से रक्षा करते हैं।
थाईलैंड: थाईलैंड में गणपति जी 'फ्ररा फिकानेत' के नाम से प्रचलित हैं। इन्हें सफलता का देवता और सभी बाधाओं को हरने वाला माना जाता है। विशेष रूप से नए व्यवसाय की शुरुआत और विवाह के अवसरों पर मुख्य रूप से इनकी पूजा की जाती है। यहां गणेश चतुर्थी के साथ-साथ बप्पा का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।

श्रीलंका: श्रीलंका में गणेश जी के कुल 14 प्राचीन मंदिर स्थित हैं। कोलंबो के पास केलान्या गंगा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध बौद्ध मंदिरों में भी भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसके अलावा, तमिल बहुल क्षेत्रों में काले पत्थर से बने भगवान पिल्लयार के रूप में गणेश जी की पूजा की जाती है।
जापान: यहां गणेश जी को जापानी बौद्ध धर्म से संबंधित 'कांगितेन' के नाम से जाना जाता है। यद्यपि कांगितेन के कई रूप पूजे जाते हैं, परंतु उनका दो शरीर वाला स्वरूप सबसे अधिक प्रचलित है। यहां चार भुजाओं वाले गणपति का भी उल्लेख मिलता है।

