Surajkund Mela 2026 : आज से हुआ सूरजकुंड मेले का आगाज ! जानिए टिकट, टाइमिंग और पहुंचने का पूरा रास्ता

punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 12:38 PM (IST)

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Surajkund Mela 2026 : इस वर्ष सूरजकुंड मेला पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आकर्षक और खास बनने जा रहा है। आयोजकों ने इस बार थीम, सुविधाओं और व्यवस्था तीनों स्तरों पर कई नए बदलाव किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, साफ-सुथरे रास्तों, बेहतर फूड ज़ोन और डिजिटल टिकटिंग जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि दर्शकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

सूरजकुंड मेला 31 जनवरी 2026, शनिवार से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। यानी यह मेला पूरे 16 दिनों तक आयोजित होगा। रोज़ाना मेला सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। इस बार बच्चों और परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग ज़ोन बनाए गए हैं, जहां झूले, खेल और कई इंटरएक्टिव गतिविधियां होंगी।

इस साल मेले की थीम मेघालय, उत्तर प्रदेश और मिस्र के सहयोग से तैयार की गई है। साथ ही मिस्र को पार्टनर कंट्री बनाया गया है, जिससे मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। देश और विदेश की कला, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों को दिखाने के लिए विशेष पवेलियन बनाए गए हैं।

खाने के शौकीनों के लिए सूरजकुंड मेला 2026 किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। यहां 100 से ज्यादा फूड स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां नॉर्थ ईस्ट के पारंपरिक स्वाद, यूपी का स्ट्रीट फूड और मिठाइयां, मेघालय की खास डिशेज़, मिस्र और अन्य देशों के व्यंजन उपलब्ध होंगे।

टिकट की कीमतें भी आम लोगों को ध्यान में रखकर रखी गई हैं। वीकडे पर टिकट ₹120 से ₹150 तक और वीकेंड पर ₹150 से ₹200 तक होगा। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा, जबकि पांच साल से ऊपर के बच्चों के लिए टिकट ₹60 से ₹100 तक होगा। झूलों और कुछ खास गतिविधियों के लिए अलग से टिकट लेना होगा।

हर शाम मेला एक ओपन एयर थिएटर का रूप ले लेता है, जहां गजल संध्या, कवि सम्मेलन, हास्य कार्यक्रम, फैशन शो, लोकनृत्य और लाइव म्यूजिक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार कुछ बड़े कलाकारों के शामिल होने की भी संभावना है।

मेले तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन बदरपुर है। बल्लभगढ़ से हर 30 मिनट में बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया लगभग ₹25 होगा। एयरपोर्ट से आने वालों के लिए कैब सबसे सुविधाजनक विकल्प रहेगा। 31 जनवरी से सुबह 7 बजे से विशेष परिवहन सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी।

कुल मिलाकर, सूरजकुंड मेला 2026 संस्कृति, कला, स्वाद और मनोरंजन का एक शानदार अनुभव देने के लिए पूरी तरह तैयार है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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