Skanda Sashti 2026 : सर्वार्थ सिद्धि योग में रखा जाएगा स्कंद षष्ठी का व्रत, ऐसे पाएं भगवान कार्तिकेय की कृपा

punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 03:43 PM (IST)

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Skanda Sashti 2026 : फरवरी 2026 में स्कंद षष्ठी का पर्व आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। इस बार यह व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ संयोग में मनाया जाएगा, जिसे हिंदू धर्म में किसी भी कार्य की सिद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान कार्तिकेय, जिन्हें दक्षिण भारत में मुरुगन और स्कंद के नाम से पूजा जाता है, शक्ति और साहस के प्रतीक हैं। आइए जानते हैं 2026 की स्कंद षष्ठी की तिथि, शुभ मुहूर्त, सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व और भगवान कार्तिकेय को प्रसन्न करने की संपूर्ण विधि।

4 शुभ योग में स्कंद षष्ठी व्रत

फरवरी माह में पड़ने वाला स्कंद षष्ठी व्रत इस बार बेहद विशेष माना जा रहा है, क्योंकि यह एक साथ चार शुभ योगों में आ रहा है। व्रत के दिन सुबह 6 बजकर 53 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग की शुरुआत होगी, जो शाम 5 बजकर 54 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद रवि योग आरंभ होगा, जो उसी दिन शाम 5:54 बजे से शुरू होकर 23 फरवरी की सुबह 6:52 बजे तक रहेगा।

षष्ठी तिथि पर प्रातःकाल से दोपहर 1 बजकर 09 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। इसके पश्चात ब्रह्म योग प्रारंभ होगा, जो अगले दिन सुबह तक बना रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो अश्विनी नक्षत्र सुबह से शाम 5:54 बजे तक रहेगा, फिर उसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा।

जो श्रद्धालु स्कंद षष्ठी का व्रत रखेंगे, वे पूजा सुबह या दोपहर के समय कर सकते हैं। इस बार दिन में 11 बजकर 09 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:12 से 6:03 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त, जो दिन का अत्यंत शुभ समय माना जाता है, दोपहर 12:12 से 12:57 बजे तक रहेगा। वहीं, निशिता मुहूर्त रात्रि 12:09 से 12:59 बजे तक रहेगा।

इन सभी शुभ संयोगों के कारण इस बार का स्कंद षष्ठी व्रत विशेष फलदायी माना जा रहा है।

राशि अनुसार स्कंद षष्ठी पर करें ये विशेष उपाय

मेष और वृश्चिक : कार्तिकेय जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इससे भूमि-भवन के विवाद सुलझेंगे।

वृषभ और तुला: सफेद चंदन और लाल फूल अर्पित करें। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी।

मिथुन और कन्या: हरी मूंग का दान करें और कार्तिकेय चालीसा का पाठ करें। बुद्धि प्रखर होगी।

कर्क और मीन: केसर युक्त दूध से अभिषेक करें। मानसिक शांति मिलेगी।

सिंह: लाल चंदन का तिलक लगाएं और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। मान-सम्मान बढ़ेगा।

धनु और मकर: तिल के तेल का दीपक जलाएं और निर्धन बच्चों को भोजन कराएं।


 


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Content Editor

Prachi Sharma

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