Amalaki Ekadashi 2026 : 4 शुभ योगों में रखा जाएगा आमलकी एकादशी व्रत, करना न भूलें ये उपाय
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 02:03 PM (IST)
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Amalaki Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहा जाता है, अपना एक विशिष्ट स्थान रखती है। वर्ष 2026 में यह एकादशी बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन 4 अत्यंत शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। माना जाता है कि आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में आमलकी एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और वे उपाय जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

Amalaki Ekadashi Shubh Sanyog आमलकी एकादशी शुभ संयोग
आयुष्मान योग : प्रात:काल से लेकर शाम 7:44 बजे तक
सौभाग्य योग : शाम 7:45 बजे से
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 10 बजकर 48 बजे से 28 फरवरी को सुबह 06:47 बजे तक
रवि योग : सुबह 06 बजकर 48 बजे से सुबह 10 बजकर 48 बजे तक

Amalaki Ekadashi Shubh Muhurat आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त
आंवले के पेड़ की पूजा के लिए शुभ समय- सुबह 06:48 बजे से लेकर दिन में 11:08 बजे तक।
लाभ-उन्नति मुहूर्त- सुबह 08:15 बजे से सुबह 09:41 बजे तक
आर्थिक समृद्धि के लिए
एकादशी के दिन पीले कपड़े में 5 या 11 ताजे आंवले बांधकर भगवान विष्णु को अर्पित करें। अगले दिन इन आंवलों को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें और एक को अपनी तिजोरी में रख दें। इससे घर में कभी धन की कमी नहीं होती।
करियर और नौकरी की सफलता के लिए
आंवले के वृक्ष की जड़ में कच्चा दूध और जल अर्पित करें। वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करें और अपनी मनोकामना मन ही मन दोहराएं। इससे कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और पदोन्नति के योग बनते हैं।
दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए
यदि पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है, तो इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का एक साथ अभिषेक करें और उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित करें। इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं इसलिए रंगों का प्रयोग सौभाग्य लाता है।
स्वास्थ्य लाभ के लिए
शास्त्रों में आंवले को आरोग्य का कारक माना गया है। एकादशी के दिन आंवले के जल से स्नान करना और जल में थोड़ा सा आंवला डालकर सूर्य को अर्घ्य देना त्वचा रोगों और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाता है।

