Maha Shivratri 2026 Vrat Rules: किन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत? जानें क्या करें अगर नहीं रख पा रहे उपवास

punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 12:39 PM (IST)

Maha Shivratri 2026 Fast Rules: इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को पड़ने वाला यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण कर भोलेनाथ का स्मरण करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। महाशिवरात्रि का व्रत आमतौर पर अगले दिन यानी 16 फरवरी 2026 को पारण के साथ संपन्न किया जाएगा। हालांकि शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि हर व्रत सभी के लिए अनिवार्य नहीं होता। कुछ विशेष परिस्थितियों में व्रत रखने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं किन लोगों को महाशिवरात्रि का कठोर व्रत नहीं रखना चाहिए और वे उपवास की जगह क्या उपाय कर सकते हैं।

PunjabKesari Maha Shivratri 2026 Fast Rules
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक भूखे रहने या निर्जला व्रत रखने से मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी प्रकार स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में कठोर या निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए।

क्या करें?
डॉक्टर की सलाह से फलाहार या हल्का व्रत रखा जा सकता है।
बिना नमक का भोजन या फल-दूध का सेवन किया जा सकता है।
शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित कर, “ॐ नमः शिवाय” का जाप करने से भी पूर्ण फल प्राप्त होता है।

PunjabKesari Maha Shivratri 2026 Fast Rules
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार मासिक धर्म के दौरान महिलाएं पूजा सामग्री या मूर्ति को स्पर्श नहीं करतीं।

क्या करें?
मानसिक रूप से भगवान शिव का ध्यान करें।
शिव मंत्रों का जाप करें।
रात्रि में शिव कथा सुनें या पढ़ें।
मानसिक भक्ति और श्रद्धा से किया गया स्मरण भी उतना ही फलदायी माना जाता है।

PunjabKesari Maha Shivratri 2026 Fast Rules
गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग
हृदय रोग, डायबिटीज, उच्च या निम्न रक्तचाप जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए लंबे समय तक भूखा रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

क्या करें?
चिकित्सक की सलाह के बिना निर्जला व्रत न रखें।
हल्का फलाहार या नियमित भोजन लेकर भी व्रत का संकल्प कर सकते हैं।
शिव मंदिर में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

Maha Shivratri 2026 Fast Rules
बुजुर्ग श्रद्धालु
अधिक आयु में शरीर की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में कठोर उपवास से कमजोरी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है।

क्या करें?
अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्रत रखें।
दिनभर शिव नाम का जप करें।
गरीबों को भोजन, वस्त्र या फल दान करें।
शिव-पार्वती की सच्चे मन से पूजा करें।

Maha Shivratri 2026 Fast Rules
बिना व्रत रखे ऐसे पाएं शिव कृपा
महाशिवरात्रि पर केवल उपवास ही जरूरी नहीं है। सच्ची श्रद्धा और भक्ति अधिक महत्वपूर्ण मानी गई है।
शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
शिव चालीसा या शिव पुराण का पाठ करें।
रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन करें।
दान-पुण्य और सेवा कार्य करें।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव सरल और भोले स्वभाव के देवता हैं। वे श्रद्धा और विश्वास से प्रसन्न होते हैं, न कि केवल कठोर व्रत से।

महाशिवरात्रि 2026 का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए व्रत रखने से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। यदि स्वास्थ्य अनुमति न दे, तो भक्ति, मंत्र-जाप और दान-पुण्य के माध्यम से भी पूर्ण पूजा फल प्राप्त किया जा सकता है।

Maha Shivratri

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News