Pradosh Vrat March 2026 Date : किस दिन रखा जाएगा मार्च का पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 05:28 PM (IST)

Pradosh Vrat March 2026 Date : हिंदू धर्म में महादेव की भक्ति के लिए प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम माना गया है। जैसे की सभी को पता है अब थोड़े दिनों में, मार्च का महीना शुरू होने वाला है। शिव भक्त इस प्रतीक्षा में रहते हैं कि भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने का सबसे शुभ अवसर कब आएगा। मार्च 2026 का पहला प्रदोष व्रत न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक बेहद खास शुभ संयोग के साथ आ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। मार्च के इस पहले व्रत में ग्रहों की स्थिति और दिन का मेल इसे और भी फलदायी बना रहा है। तो आइए जानते हैं मार्च महीने के शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग के बारे में-

Pradosh Vrat March 2026 Date

मार्च 2026 प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त 
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्च महीने का पहला प्रदोष व्रत 1 मार्च, रविवार को रखा जाएगा। चूंकि यह व्रत रविवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे रवि प्रदोष के नाम से जाना जाएगा। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी शनिवार) को रात 8 बजकर 43 मिनट से शुरू हो जाएगी और इस तिथि का अंत 1 मार्च रविवार को शाम 7 बजकर 09 मिनट पर होगा।
प्रदोष व्रत में उदयातिथि के बजाय प्रदोष काल को महत्व दिया जाता है। चूंकि 1 मार्च की शाम को त्रयोदशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए व्रत और शिव पूजा इसी दिन करना शास्त्र सम्मत और शुभ होगा।

Pradosh Vrat March 2026 Date

मार्च 2026 प्रदोष व्रत शुभ संयोग
इस बार का रवि प्रदोष व्रत आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी होने वाला है, क्योंकि यह एक नहीं बल्कि 5 विशेष शुभ संयोगों के घेरे में आ रहा है। इन दुर्लभ योगों की उपस्थिति भक्तों के लिए सौभाग्य और कार्यों में सफलता लेकर आएगी। इस विशेष दिन पर रवि पुष्य योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग और पुष्य नक्षत्र का एक साथ होना इसे बहुत शक्तिशाली बना रहा है।

रवि पुष्य योग व पुष्य नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र सूर्योदय के साथ ही शुरू हो जाएगा और सुबह 08:34 तक रहेगा। इसी दौरान 'रवि पुष्य योग' का निर्माण होगा, जिसे खरीदारी और नई शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

रवि योग: यह शुभ योग सुबह 08:34 से प्रारंभ होकर अगले दिन यानी 2 मार्च की सुबह 06:45 तक बना रहेगा। यह योग दोषों को दूर करने वाला माना जाता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला यह योग सुबह 06:46 से शुरू होकर सुबह 08:34 तक प्रभावी रहेगा।

शोभन योग: पूजा-पाठ के लिए उत्तम यह योग सूर्योदय से लेकर दोपहर 02:33 तक रहेगा, जिसके बाद अतिगण्ड योग की शुरुआत होगी।

नक्षत्र परिवर्तन: सुबह 08:34 के बाद पुष्य नक्षत्र समाप्त होकर अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा।

क्यों खास हैं ये संयोग ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब प्रदोष व्रत के साथ सर्वार्थ सिद्धि और रवि पुष्य जैसे योग मिलते हैं, तो इस दिन की गई शिव साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह समय विशेष रूप से लंबी बीमारी से मुक्ति पाने और आर्थिक उन्नति के लिए किए जाने वाले उपायों के लिए अचूक माना जाता है।

Pradosh Vrat March 2026 Date

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Content Editor

Sarita Thapa

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