Shiv Ji Katha: शिव भक्त जरूर पढ़ें ये कथा, रोजाना सुनने से मिलती है अनंत शांति और सुख-समृद्धि
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 10:58 AM (IST)
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Shiv Ji Katha: भगवान शिव की आराधना में मंत्र, स्तोत्र और पूजा-विधि के साथ-साथ कथाओं का श्रवण भी विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि शिव पूजा के दौरान यदि भक्त शिव जी से जुड़े प्रसंगों या उनके भक्तों की लीलाओं का वाचन करता है, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और जीवन में शांति, संतोष व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इन्हीं कथाओं में से एक है काशी महिमा कथा, जिसे शिव जी का सबसे प्रिय माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि शिव पूजा के समय यह कथा पढ़ी या सुनी जाए, तो इसका प्रभाव अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होता है।

काशी महिमा कथा सुनने के फायदे
काशी को प्राचीन काल से ही मोक्ष प्रदान करने वाली नगरी कहा गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काशी में मृत्यु होने पर स्वयं भगवान शिव जीवात्मा को तारक मंत्र सुनाकर उसे जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर देते हैं। यही कारण है कि इस पवित्र नगरी का महत्व अनन्त बताया गया है। शिव पूजा में जब भक्त काशी महिमा कथा सुनता है, तो उसे ऐसा पुण्य मिलता है मानो वह स्वयं काशी में रहकर पूजा कर रहा हो।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही वर्षों के पाप नष्ट हो जाते हैं। काशी से जुड़ी कथा का श्रवण करते ही मन और आत्मा पवित्र हो उठती है। श्रद्धा से कथा सुनने पर व्यक्ति के जाने-अनजाने पापों का नाश होता है, जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और मानसिक शांति बढ़ती है।
क्यों प्रिय है यह कथा महादेव को ?
काशी शिव का वह नगर है जिसे उन्होंने स्वयं अपने त्रिशूल पर धारण किया है। इसलिए यह कथा शिवभक्त और भगवान शिव के बीच सीधा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करती है। कथा का वाचन करते समय भक्त मन, बुद्धि और आत्मा से शिव से जुड़ जाता है, जिससे महादेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग खुलने लगता है। काशी महिमा कथा न केवल पूजा को संपूर्ण बनाती है, बल्कि भक्त को मोह-माया से ऊपर उठकर अधिक आध्यात्मिक, शांत और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित भी करती है।

