Sawan Amavasya 2026 : कब है सावन अमावस्या 2026? जानें स्नान-दान, पितृ तर्पण और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 10:33 AM (IST)
Sawan Amavasya 2026 : हिंदू धर्म में सावन में पड़ने वाली अमावस्या का धार्मिक और अध्यात्मिक महत्व है। सावन में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन गंगा नदी या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से शुभ फलों का प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने सा विधान है। इसके अलावा यह दिन पूर्वजों को तपर्ण देने के लिए भी बहुत खास माना जाता है। यह हमें पर्यावरण संरक्षण का भी एक बड़ा संदेश देता है। तो आइए जानते हैं सावन अमावस्या की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
सावन अमावस्या 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 12 अगस्त को मध्यरात्रि 1 बजकर 52 मिनट से होगी और अमावस्या तिथि का समापन 12 अगस्त को रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस साल हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 को है।
सावन अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त
सावन अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए सुबह से ही शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। वहीं बता दें कि इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं है।
चर-सामान्य मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 38 मिनट से लेकर 07 बजकर 20मिनट तक।
लाभ-उन्नति मुहूर्त- सुबह 07 बजकर 20 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक।
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त- 09 बजकर 03 मिनट से लेकर 10 बजकर 45 मिनट तक।
शुभ-उत्तम मुहूर्त- 12 बजकर 27 मिनट से लेकर 02 बजकर 10 मिनट तक।

पितृ तर्पण और पिंड दान
अमावस्या तिथि पितरों की तृप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के नाम से जल, काले तिल और कुश अर्पित करें। पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराएं, साथ ही गाय, कुत्ते और कौए को भी भोजन का अंश निकालें।
