Sawan 2026 Eclipse: सावन 2026 में मचेगा खगोलीय घमासान! 16 दिनों में लगेंगे 2 बड़े ग्रहण
punjabkesari.in Monday, Jul 06, 2026 - 10:04 AM (IST)
Sawan 2026 Eclipse: साल 2026 का सावन का महीना शिव भक्तों के लिए न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील रहने वाला है। इस बार सावन के महीने में एक दुर्लभ और बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही है, जहां मात्र 16 दिनों के भीतर दो बड़े ग्रहण देखने को मिलेंगे।

सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, साल 2026 का सावन कई मायनों में खास है क्योंकि इस पावन महीने को सूर्य और चंद्रमा दोनों ही ग्रहण प्रभावित करेंगे। सावन की अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि सावन की पूर्णिमा, जिस दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाता है, उस दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। इस संयोग ने श्रद्धालुओं और ज्योतिषियों के बीच गहरी चिंता और जिज्ञासा पैदा कर दी है कि यह बदलाव शुभ होगा या अशुभ।
देश-दुनिया पर पड़ेगा गहरा असर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आकाश मंडल में होने वाली ऐसी बड़ी घटनाओं का प्रभाव केवल आम व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया की राजनीति और अन्य क्षेत्रों पर भी देखने को मिलता है। 16 दिनों के भीतर दो ग्रहणों का होना बड़े और संवेदनशील बदलावों का संकेत माना जा रहा है।
ग्रहण पर क्या करें क्या नहीं
घर से बाहर न निकलें।
सूतक तथा ग्रहण काल में मूर्त स्पर्श, अनावश्यक खाना पीना, संसर्ग आदि से बचना चाहिए।
ग्रहण काल में चंद्रमा अथवा सूर्य को सीधे न देखा जाए।
खुले में खाद्य सामग्री न रखें।
संक्रमण व विकिरण से बचने के लिए तुलसी का प्रयोग करें।
ग्रहण काल में गर्भवती होने से जन्म लेने वाली संतान पर शारीरिक प्रभाव पड़ता है।
ग्रहण के दौरान पूजा न करें।
ग्रहण काल में महामृत्युंजय का पाठ करने से ग्रहण का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा एवं अनेकों रोगों से मुक्ति मिलेगी।

गर्भवती महिलाएं रहें सावधान
यह हिदायतें कपोल कल्पनाएं नहीं हैं बल्कि जीवन का अटूट सच है जिसे गर्भवती स्त्रियों को स्वीकार करना चाहिए। ऐसा करने से स्वाभाविक रूप से स्वस्थ, सुन्दर और विचारवान संतान होगी।
गर्भवती महिलाएं अधिक श्रम न करें।
कोई भी धार्मिक ग्रंथ पढ़ें।
नुकीली वस्तुओं से दूर रहें।
कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए।
ग्रहण को देखें नहीं।
सोना नहीं चाहिए।
खुजली नहीं करनी चाहिए।
क्रोध और तनाव को स्वयं पर हावी न होने दें। प्रसन्न रहें।
किसी के ऊपर हाथ न उठाएं विशेषकर किसी बालक पर।
झुकने वाले काम न करें।
योगासन अथवा व्यायाम नहीं करना चाहिए।
चाकू से किसी भी वस्तु को काटना नहीं चाहिए।
ताला अथवा कड़ी नहीं लगानी चाहिए।
नाड़ा नहीं बांधना चाहिए।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
