ईनामी मां, बेटा व बेटी बनाते थे मंदिरों व घरों को निशाना, 4 गिरफ्तार
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 10:06 AM (IST)
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रेवाड़ी (अशोक वधवा): सी.आई.ए. कोसली ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गुलेल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो घरों व मंदिरों को निशाना बनाकर चोरियां करते थे। यह गिरोह एक मां ने अपनी बेटी व बेटे के साथ मिलकर बनाया हुआ था। पुलिस ने मां, बेटा व बेटी सहित 4 लोगों महेन्द्रगढ़ के गांव पड़तल की महिला काली उर्फ संतरा, उसके पुत्र विजय, पुत्री पिंकी व पड़ोसी अरुण को गिरफ्तार किया है।
डी.एस.पी. बावल सुरेन्द्र श्योराण ने बताया कि काली इस गिरोह का संचालन करती थी। गिरोह पर हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में 45 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने काली व विजय पर 10-10 हजार व बेटी पिंकी पर 5 हजार रुपए का ईनाम रखा हुआ था। इस गिरोह की पहचान गुलेल गिरोह से होती है। वारदात के समय जो भी सामने आता था तो उस पर गुलेल से पत्थर मार दिया जाता था। सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया गया है।
डी.एस.पी. श्योराण ने बताया कि रेवाड़ी के गांव निमोठ के ललित कुमार ने खोल थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि 15 जुलाई की रात को वह अपने घर को ताला लगाने के बाद सोने के लिए प्लाट में चला गया था। सुबह जब घर पहुंचा तो ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा हुआ था। चोर घर से अढ़ाई लाख रुपए की नकदी व लाखों रुपयों के जेवरात ले गए थे।
पुलिस इस चोरी का सुराग निकालने में जुटी हुई थी कि सी.आई.ए. कोसली ने जब उक्त आरोपी मां, बेटा-बेटी व पड़ोसी को पकड़ा तो गिरोह की वारदातों का पिटारा खुल गया। सी.आई.ए. कोसली प्रभारी योगेश ने बताया कि काली उर्फ संतरा का विवाह राजस्थान के गांव पीपली नीमराणा में हुआ था। पिता की मौत के बाद काली अपने पति को छोड़कर अपने महेन्द्रगढ़ के गांव पड़तल आ गई थी और यहीं पर एक व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
