अगर चाहते हैं खुशहाल शादीशुदा जीवन, तो जरूर जानें प्रेमानंद जी की ये सीख
punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 01:17 PM (IST)
Premanand Ji Maharaj Relationship Advice : जब भी शादी की बात चलती है, तो लड़का या लड़की के मन में एक ही सवाल आता है कि हमें अपने लिए कैसा जीवनसाथी चुनना चाहिए या उसके अंदर कौन से ऐसे गुण देखने चाहिए, जिससे शादीशुदा जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहे। जहां आज कल के रिश्ते एक पल में बनते और बिगड़ते हैं, वही शादीशुदा जीवन को बैलेंस रखना या साथी के साथ अच्छा संबंध बनाएं रखना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। कई बार लोग बिना सोचे-समझे या बिना एक-दूसरे को जाने-पहचाने एक गलत साथी चुन लेते हैं, जिनका परिणाम शादी के बाद देखने को मिलता है। यदि आप भी अपनी शादीशुदा जीवन को सुखमय और खुशहाल बनाना चाहते हैं, तो वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के विचार आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि प्रेमानंद जी महाराज ने कौन-कौन से गुण बताए हैं, जो एक अच्छे जीवनसाथी में होने चाहिए।
अच्छे चरित्र वाला साथी
प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज जी के अनुसार, किसी से भी शादी करने से पहले उसके चरित्र के बारे में अच्छे से जान लें। आज कल लोग बाहरी सुंदरता देखकर ही शादी करने का फैसला ले लेते हैं, जब कि उसके बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं होती है, कि उसका आचरण, दूसरों से बात करने का तरीका कैसा है। यह सब जानना बहुत जरूरी होता है, ताकि शादी के बाद उसके व्यवहार से शादीशुदा जीवन में बुरा प्रभाव न पड़े।
बुरी आदतों से बाहर रहने वाला व्यक्ति
प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज जी के अनुसार, जो व्यक्ति नशा जैसी बुरी आदत या गलत संगत से दूर रहता है और अपने जीवन को साधारण तरीके से जीना पसंद करता है। वह एक अच्छा जीवनसाथी बन सकता है। वहीं, जिस व्यक्ति को नशा करना या गलत संगत में रहना जैसी बुरी आदतें छोटी लगती है, ऐसे व्यक्ति से कभी भी शादी नहीं करनी चाहिए। इन्हीं बुरी आदतों की वजह से इंसान का स्वभाव दिन-प्रतिदिन खराब होता जाता है और इस तरह के व्यक्ति जल्दी सुधरते भी नहीं है।
एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करें
दुनिया में कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता। महाराज जी के अनुसार, शादी का मतलब सिर्फ खूबियों से प्यार करना नहीं, बल्कि एक-दूसरे की कमियों को अपनाना भी है। यदि आपके पार्टनर से कोई गलती हो जाए या उनमें कोई ऐसी आदत हो जो आपको पसंद न हो, तो सबके सामने उनका उपहास न उड़ाएं। एकांत में बैठकर, शांत मन से और प्रेमपूर्वक बात करें। कमियां निकालने के बजाय एक-दूसरे की ताकत बनें।
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