Pradyumna Ganesh Chaturthi 2026 : किस दिन रखा जाएगा प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 12:39 PM (IST)
Pradyumna Ganesh Chaturthi 2026 : हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का बहुत खास महत्व है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान से और सच्चे मन से बप्पा की पूजा करने से और व्रत रखने से जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही पूजा करने के साथ बप्पा के नामों और मंत्रों का जाप करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मन की हर मुराद पूरी होती है। तो आइए जानते हैं कि प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी तिथि
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जून को रात में 09 बजकर 38 मिनट पर शुरू होगी और इसका
समापन अगले दिन 18 जून को शाम को 06 बजकर 58 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी का व्रत 18 जून, 2026 को रखा जाएगा।
प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न मुहूर्त सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा और ये शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। माना जाता है कि इस अवधि में बप्पा की पूजा करने से शुभ फलों का प्राप्ति होती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी पूजा विधि
प्रद्युम्न गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
अब एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
उसके बाद भगवान गणेश को जल, फूल, अक्षत, दूर्वा, धूप, दीप और मोदक का भोग चढ़ाएं।
फिर गणेश जी का ध्यान करते हुए उनके नामों और मंत्रों का जाप करें।
अंत में उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें।

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