Sawan Pradosh Vrat 2026 : सावन के दूसरे सोमवार बनेगा सोम प्रदोष व्रत का शुभ संयोग, नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त

punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 01:20 PM (IST)

Sawan Pradosh Vrat 2026 : हिंदू धर्म में हर महीने की त्रयोदशी तिथि को या फिर द्वादशी तिथि को प्रदोष काल पड़ रहा होता है। माना जाता है कि इस दिन शिव जी की पूजा करने और व्रत रखने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस बार सावन का माह बहुत शुभ और विशेष माना जा रहा, क्योंकि इस बार सावन के दूसरे सोमवार प्रदोष का दुर्लभ संयोग बन रहा है। माना जब भी सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, तो उसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। मान्यता है कि इस महासंयोग में पजा करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता प्राप्त होती है। तो आइए जानते है सोम प्रदोष व्रत के शुभ मुहूर्त और महतेव के बारे में-

Sawan Pradosh Vrat 2026

सावन के पहले प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है।

सोम प्रदोष व्रत तिथि: 10 अगस्त 2026 (सोमवार)

सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि समापन- 11 अगस्त, मंगलवार, प्रातः 4 बजकर 54 मिनट पर।

प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त- 10 अगस्त शाम 7 बजकर 9 मिनट से रात्रि 9 बजकर 23 मिनट तक।

ब्रह्म मुहूर्त- 10 अगस्त, प्रातः 4 बजकर 49 मिनट से प्रातः 5 बजकर 34 मिनट तक।

अभिजित मुहूर्त- 10 अगस्त, दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 9 मिनट तक।

Sawan Pradosh Vrat 2026

सोम प्रदोष व्रत धार्मिक महत्व

मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूरे विधि-विधान से पूजा करने और उपवास रखने से जीवन के सभी दुखों का नाश होता है। और व्यक्ति को गंभीर से गंभीर बीमारियों, कर्ज और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।  सावन सोमवार और सोम प्रदोष का एक ही दिन पड़ना भक्ति के दृष्टिकोण से सोने पर सुहागा माना गया है। इससे सोमवार व्रत और प्रदोष व्रत दोनों का फल एक साथ प्राप्त होता है।

Sawan Pradosh Vrat 2026

 


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Content Editor

Sarita Thapa

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