New Year 2026 : न्यू ईयर प्लान में काशी या वृंदावन ? निकलने से पहले जान लें दर्शन के नए नियम और ट्रैफिक एडवाइजरी

punjabkesari.in Sunday, Dec 28, 2025 - 09:45 AM (IST)

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New Year 2026 : नए साल की शुरुआत ज्यादातर लोग भगवान के दर्शन के साथ करना चाहते हैं। यही वजह है कि हर साल 31 दिसंबर और 1 जनवरी को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। काशी, वृंदावन और अयोध्या जैसे बड़े तीर्थ स्थलों पर इस दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यदि आप भी नए साल पर इन पवित्र स्थलों के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो पहले वहां लागू किए गए नए नियमों और व्यवस्थाओं को जान लेना जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

वृंदावन: रूट डायवर्जन और पार्किंग के खास इंतजाम
वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में बैकुंठ द्वार साल में केवल एक दिन खोले जाते हैं। इस बार यह द्वार 30 दिसंबर को खुलेगा, जिसके चलते वृंदावन में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ जुटने की संभावना है। यह भीड़ नए साल तक बनी रह सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जो 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक लागू रहेगी। इस दौरान छटीकरा से वृंदावन की ओर भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यमुना एक्सप्रेसवे या मथुरा शहर की तरफ से आने वाले चार पहिया वाहन केवल सौ-सैय्या अस्पताल तक ही जा सकेंगे। आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, छटीकरा एनएच-19 से आने वाले वाहनों को सिर्फ मल्टीलेवल पार्किंग तक जाने दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने 21 अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की है।

काशी: स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक
काशी विश्वनाथ मंदिर में भी नए साल को लेकर विशेष नियम लागू किए गए हैं। मंदिर न्यास के अनुसार, 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक दर्शन की व्यवस्था में बदलाव रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालुओं को शिवलिंग का स्पर्श कर पूजा करने की अनुमति नहीं होगी। भक्त केवल दूर से ‘झांकी दर्शन’ कर सकेंगे।
इसके अलावा, नए साल के दौरान किसी भी प्रकार के वीआईपी या प्रोटोकॉल दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सभी को समान रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।

अयोध्या: राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष आयोजन
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ इस वर्ष 31 दिसंबर को मनाई जाएगी। मंदिर प्रशासन से जुड़े गोपाल जी के अनुसार, इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान 27 दिसंबर से शुरू हो जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम 31 दिसंबर को आयोजित होगा, जबकि अन्य धार्मिक आयोजन 2 जनवरी 2026 तक चलते रहेंगे। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। पूजा-पाठ और धार्मिक विधियों का संचालन जगद्गुरु माधवाचार्य के मार्गदर्शन में किया जाएगा। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जो देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।


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Content Editor

Prachi Sharma

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