Navratri Special Yamuna Chhath 2026: 24 मार्च को यमुना छठ, जानें क्यों खास है ये दिन और कैसे करें पूजा
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 02:36 PM (IST)
Navratri Special Yamuna Chhath 2026: चैत्र नवरात्रि के बीच आने वाला यमुना छठ का पर्व इस वर्ष खास संयोग लेकर आ रहा है। यह पर्व विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र और भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन देवी यमुना की पूजा, स्नान और दान करने से जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त होता है।

कब है यमुना छठ 2026?
चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यमुना छठ मनाई जाती है।
तारीख: 24 मार्च 2026 (मंगलवार)
षष्ठी तिथि प्रारंभ: 23 मार्च शाम 06:38 बजे
षष्ठी तिथि समाप्त: 24 मार्च दोपहर 04:07 बजे
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:52 बजे
इस दिन रवि योग का भी विशेष संयोग बन रहा है, जो इस पर्व को और अधिक शुभ बनाता है।

क्यों खास है यमुना छठ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन देवी यमुना का अवतरण हुआ था, इसलिए इसे यमुना जयंती भी कहा जाता है। यमुना को सूर्य देव की पुत्री और यमराज की बहन माना जाता है। इस दिन पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। भगवान कृष्ण से विशेष संबंध होने के कारण यह दिन कृष्ण भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यमुना छठ पूजा विधि और व्रत नियम
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, यदि संभव हो तो यमुना नदी में स्नान करें।
घर पर स्नान करते समय जल में यमुना जल मिलाएं।
देवी यमुना और भगवान कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करें।
भोग में मिश्री, मक्खन और सफेद मिठाई अर्पित करें।
कई श्रद्धालु इस दिन निर्जला व्रत भी रखते हैं।
अगले दिन दान-पुण्य के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

ब्रज में दिखेगा भक्ति का विशेष रंग
मथुरा और वृंदावन में यमुना छठ का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यमुना तट पर विश्राम घाट की आरती विशेष आकर्षण होती है। हजारों दीपों से घाट जगमगा उठता है। मंदिरों में छप्पन भोग सजाया जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
पर्यावरण और आस्था का संगम
यमुना छठ केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि यह प्रकृति और जल संरक्षण का संदेश भी देता है। इस दिन श्रद्धालु नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता का संकल्प लेते हैं।
Yamuna Chhath 2026 आस्था, भक्ति और प्रकृति के सम्मान का प्रतीक है। इस दिन देवी यमुना की पूजा और व्रत करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन प्राप्त होता है।

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