जीवन के हर मोड़ पर पड़ती है प्रेरणा की जरूरत

10/21/2021 12:31:41 PM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
सारा यूरोप यूनान की फौजों से त्रस्त था। अजेय समझी जाने वाली यूनानियों की धाक उन दिनों सब देशों पर छाई हुई थी और जिस पर भी आक्रमण होता वह हिम्मत हारकर बैठ जाता और अपनी पराजय स्वीकार कर लेता।

रोम के सेनापति सीजर ने देखा कि इस व्यापक पराजय का कारण लोगों में व्याप्त आत्महीनता ही है जिसके कारण उन्होंने अपने को दुर्बल और यूनानियों को बलवान स्वीकार कर लिया है। इस मन:स्थिति को बदला जाना चाहिए।

सीजर ने अपने देश की दीवार-दीवार पर यह वाक्य लिखवाया, ‘‘यूनानी फौजें तभी तक अजेय हैं जब तक हम उनके सामने घुटने टेके बैठे हैं। आओ तनकर खड़े हो जाएं।’’

इस वाक्य का रोम की जनता पर जादू जैसा असर हुआ। जमकर लड़ाई लड़ी गई और अजेय समझा जाने वाला यूनान परास्त हो गया।दरअसल हमारे साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है जब हम अपनी ताकतों को कम आंकते हैं और अपने आपको कमजोर समझने की भूल करते रहते हैं। 

हमें भी समय-समय पर प्रेरणा की जरूरत होती है जो फिर से उत्साह पाने में मदद करती है और हमारे अंदर की शक्तियों को जागृत करती है।


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Content Writer

Jyoti

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