Maha shivratri 2026 : महाशिवरात्रि की रात कर लें कलावा-हल्दी का उपाय, जल्द बजेगी शहनाई

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 04:29 PM (IST)

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Maha shivratri 2026 : महाशिवरात्रि का पर्व सनातन धर्म में आध्यात्मिक और सांसारिक, दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यह वह पवित्र रात्रि है जब शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए ज्योतिषीय उपाय न केवल महादेव की कृपा दिलाते हैं, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान भी करते हैं। यदि आपकी आयु बढ़ती जा रही है, विवाह के योग्य रिश्ते नहीं मिल रहे या बातचीत बार-बार टूट जा रही है, तो महाशिवरात्रि की रात कलावा और हल्दी का एक विशेष उपाय आपके जीवन में शहनाइयों की गूंज ला सकता है।

महाशिवरात्रि और विवाह का संबंध
महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उत्सव का दिन है। शिव 'वैराग्य' के प्रतीक हैं और माता पार्वती 'शक्ति और गृहस्थी' की। इन दोनों का मिलन इस बात का प्रमाण है कि यदि भक्ति सच्ची हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि जिनकी कुंडली में सप्तम भाव कमजोर होता है या मांगलिक दोष के कारण विवाह में देरी हो रही होती है, उनके लिए महाशिवरात्रि का समय वरदान की तरह होता है।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यदि कोई कन्या विवाह से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रही है, तो इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से शुभ फल मिल सकता है। मान्यता है कि इस दिन किसी जरूरतमंद कन्या को पीले वस्त्र दान करना और बच्चों को बेसन के लड्डू खिलाना अत्यंत पुण्यकारी होता है। साथ ही व्रत रखकर माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करना भी लाभदायक माना जाता है।

विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए महाशिवरात्रि की रात शिवलिंग पर केसर मिश्रित दूध चढ़ाने की परंपरा है। इसके बाद तीन पत्तों वाले बेलपत्र पर पीले चंदन या हल्दी से “राम” लिखकर भगवान शिव को अर्पित किया जाता है। उसी हल्दी से तिलक लगाने से मनचाहा जीवनसाथी मिलने की कामना पूर्ण होने की मान्यता है।

इसके अलावा, निशिता काल में लाल कलावा लेकर शिव-पार्वती की प्रतिमा के चारों ओर सात बार लपेटकर उनका प्रतीकात्मक गठबंधन कराया जाता है। ऐसा करने से विवाह के शुभ अवसर बनने की संभावना बढ़ती है।

उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए “पत्नीं मनोरमां देहि…” इस मंत्र का विशेष महत्व बताया गया है। महाशिवरात्रि की रात इसका ग्यारह माला जाप करने से योग्य जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि इस पवित्र रात को जागरण करते हुए रीढ़ को सीधा रखकर ध्यान करना अत्यंत लाभकारी होता है। माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा स्वाभाविक रूप से ऊपर की ओर प्रवाहित होती है, जिससे व्यक्ति की आंतरिक शक्ति जागृत होती है और वह आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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