Masik Shivratri 2026 Date : चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि कब है ? जानें व्रत, पूजा और महत्व

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 10:58 AM (IST)

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Masik Shivratri 2026 Date:  हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है, जो प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि के बाद आने वाली चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि का अपना एक आध्यात्मिक महत्व है  क्योंकि यह वसंत ऋतु के आगमन और चैत्र नवरात्रि से कुछ समय पूर्व आती है।

चैत्र मासिक शिवरात्रि 2026
 मासिक शिवरात्रि तिथि- 17 मार्च 2026, मंगलवार
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ- 17 मार्च 2026 को सुबह 09:23 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त- 18 मार्च 2026 को सुबह 08:25 बजे
निशिता काल (पूजा मुहूर्त) 17-18 मार्च की मध्यरात्रि 12:07 AM से 12:55 AM तक

 Masik Shivratri 2026 Date

मासिक शिवरात्रि का महत्व
भगवान शिव को समर्पित यह दिन संयम, अनुशासन और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। शिवरात्रि की रात शिव तत्व सबसे अधिक सक्रिय होता है, जो भक्त के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा और पापों का नाश करता है। मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है, जिसे 'भौम प्रदोष' जैसा संयोग भी माना जा सकता है, जो कर्ज से मुक्ति और शक्ति प्रदान करता है।

चैत्र मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (संभव हो तो सफेद या हल्के रंग के) धारण करें। भगवान शिव के सामने हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

शिव मंदिर दर्शन: यदि संभव हो, तो पास के शिवालय जाकर शिवलिंग के दर्शन करें।

शिवलिंग का अभिषेक
शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली वस्तुओं का एक विशेष क्रम होता है, जिसे 'पंचामृत अभिषेक' कहा जाता है- सबसे पहले गंगाजल अर्पित करें।
इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
अंत में शुद्ध जल या सुगंधित इत्र मिले जल से स्नान कराएं।

 Masik Shivratri 2026 Date

पूजन सामग्री और अर्पण
बेलपत्र: 3 पत्तियों वाला अखंडित बेलपत्र चढ़ाएं (चिकना हिस्सा नीचे की ओर रखें)।
अन्य सामग्री: धतूरा, आक के फूल, सफेद चंदन, भस्म और अक्षत (बिना टूटे चावल) अर्पित करें।
धूप-दीप: गाय के घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती से आरती जैसा माहौल बनाएं।

मंत्र जाप और पाठ
पूजा के दौरान निरंतर "ॐ नमः शिवाय" का मानसिक जाप करते रहें।
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

 Masik Shivratri 2026 Date

 


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Content Editor

Prachi Sharma

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