रविवार को रखते हैं व्रत तो ज़रूर जान लें इसकी पूजन विधि

2020-12-06T12:34:41.073

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
धार्मिक व ज्योतिष शास्त्र में रविवार का दिन सूर्य देवता को समर्पित है। इस दिन इनकी पूजा अर्चना अधिक लाभ देती है। तो वहीं ये भी कहा जाता है कि जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और अपने जीवन में से शत्रुओं का नाश करने के लिए इस दिन व्रत करना बेहद उत्तम माना जाता है। मगर बहुत कम लोग है जिन्हें इनकी पूजा करने की विधि मालूम है। अगर आप भी इन्हीं प्रसन्न कर अपने जीवन में से उपरोक्त चीज़ें चाहते हैं तो आगे जानें क्या है रविवार के व्रत सही पूजन विधि- 
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रविवार व्रत का ऐसे करें पूजन :-

सबसे पहले तो व्रती को इस बात के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि सूर्य देव का व्रत एक वर्ष, 30 रविवारों  या 12 रविवारों तक निंरतर रखना चाहिए। 

इस दिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ लाल रंग के वस्त्र पहनें। 

इसके बाद घर के ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान सूर्य देव की स्वर्ण निर्मित मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
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अब विधि-विधान के अपनाते हुए गंध-पुष्पादि से भगवान सूर्य का पूजन करें। ध्यान रहे पूजन के बाद रविवार के दिन से जुड़ी व्रतकथा ज़रूर सुनें।

इसके उपरांत आरती करें और सूर्य भगवान का स्मरण करते हुए 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' इस मंत्र का 12 या 5 अथवा 3 माला जप करें। इसके अलावा सूर्य देव के निम्न मंत्रों का भी श्रद्धा पूर्वक जाप करें। 

सूर्य के इन 12 नामों का करें जाप- 
1- ॐ सूर्याय नम:।
2- ॐ मित्राय नम:।
3- ॐ रवये नम:।
4- ॐ भानवे नम:।
5- ॐ खगाय नम:।
6- ॐ पूष्णे नम:।
7- ॐ हिरण्यगर्भाय नम:।
8- ॐ मारीचाय नम:।
9- ॐ आदित्याय नम:।
10- ॐ सावित्रे नम:।
11- ॐ अर्काय नम:।
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मंत्रोच्चारण के उपरांत शुद्ध जल, रक्त चंदन, अक्षत, लाल पुष्प और दूर्वा का सूर्य देव को अर्घ्य दें।

ध्यान रहे व्रती इसी दिन केवल सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते या फलाहार खा सकते हैं। जैसे भोजन में गेहूं की रोटी, दलिया, दूध, दही, घी और चीनी खाएं। ध्यान रहे इस दिन नमक का सेवन बिल्कुल न करें। 


Content Writer

Jyoti

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