Kashi Vishwanath Holi 2026 : ससुराल जाने की तैयारी ! इस होली काठियावाड़ी कुर्ता पहनकर शाही दूल्हा बनेंगे बाबा विश्वनाथ

punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 09:00 AM (IST)

Kashi Vishwanath Holi 2026 : काशी की गलियों में इस बार होली का नजारा बेहद खास होने वाला है। रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026 के अवसर पर बाबा विश्वनाथ का एक ऐसा रूप देखने को मिलेगा, जो भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देगा। इस बार बाबा अपने गौने के लिए खास काठियावाड़ी अंदाज में तैयार हो रहे हैं।

बाबा का काठियावाड़ी और मां गौरा का राजस्थानी लुक
इस साल बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती का श्रृंगार दो राज्यों की संस्कृति का अद्भुत संगम होगा। 

बाबा विश्वनाथ: महादेव इस बार पारंपरिक काठियावाड़ी कुर्ता और मुंडू धारण करेंगे। उनके सिर पर राजसी साफा होगा, जो उनके दूल्हा स्वरूप को निखारेगा।

माता गौरा: मां पार्वती को गुजराती बांधनी और पटोला साड़ी में सजाया जाएगा। यह पहली बार है जब काशी के शिव-शक्ति इस तरह के इंडो-वेस्टर्न और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परिधानों में नजर आएंगे।

रंगभरी एकादशी उत्सव की मुख्य रस्में
काशी में होली की शुरुआत इसी दिन से मानी जाती है। 

हल्दी की रस्म: गौने से पहले माता गौरा को हल्दी लगाई जाती है। यह रस्म पूर्व महंत के आवास (गौरा-सदनिका) पर बड़े ही प्रेम भाव से निभाई जाती है, जहां मां गौरा को 'काशी की बेटी' मानकर विदा किया जाता है।

शाही पालकी यात्रा: 27 फरवरी की शाम को बाबा, माता पार्वती और गणेश जी की चल-प्रतिमाओं को चांदी की पालकी में विराजमान किया जाएगा। यह पालकी महंत आवास से निकलकर काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह तक जाएगी।

अबीर-गुलाल की वर्षा: पूरी पालकी यात्रा के दौरान भक्त हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ बाबा पर भारी मात्रा में लाल और गुलाबी गुलाल उड़ाते हैं। माना जाता है कि इसी दिन बाबा पहली बार मां पार्वती के साथ होली खेलते हैं।

डमरू दल का पहरा: यात्रा के आगे-आगे डमरू दल अपनी थाप से पूरी काशी को गुंजायमान कर देता है, जो साक्षात शिव की बारात जैसा अनुभव कराता है।

मसान की होली 
रंगभरी एकादशी के अगले दिन यानी 28 फरवरी को काशी में विश्व प्रसिद्ध मसान की होली खेली जाएगी। मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से खेली जाने वाली यह होली जीवन और मृत्यु के उत्सव का प्रतीक है।

रंगभरी एकादशी उत्सव की खास बात: इस साल काशी और मथुरा की सांस्कृतिक एकता भी देखने को मिल रही है। काशी से गुलाल मथुरा भेजा जा रहा है, और ब्रज के कलाकार काशी आकर 'रास' और 'होली रसिया' की प्रस्तुति देंगे।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News