Kamika Ekadashi Vrat Katha : कामिका एकादशी पर जरूर पढ़ें ये कथा, पाप, संकट और परेशानियों से मिलेगी राहत
punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 07:51 AM (IST)
Kamika Ekadashi Vrat Katha : सनातन धर्म में कामिका एकादशी व्रत का बहुत खास महत्व है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कुपा पाने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है। इस साल कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त, 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन पूजा के साथ कामिका एकादशी की कथा सुनने और पढ़ने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कामिका एकादशी व्रत कथा के बारे में-
कामिका एकादशी व्रत कथा
एक पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले एक गांव में पहलवान रहता था। पहलवान नेक दिल का आदमी था लेकिन उसका स्वभाव बहुत क्रोध करने वाला था, इसी वजह से आए दिन उससे किसी न किसी की बहस हो जाती थी। एक दिन पहलवान ने एक ब्राह्मण से झगड़ा कर लिया उसके ऊपर क्रोध इतना हावी हो गया कि उसने ब्राह्मण की हत्या कर दी जिसकी वजह से उस पर ब्राह्मण हत्या का दोष लग गया। इस दोष से बचने और पश्चाताप के लिए वह ब्राह्मण के दाह संस्कार में शामिल होने गया, लेकिन पंडितों ने उसे वहां से भगा दिया, पंडितों ने उसे ब्राह्मण की हत्या का दोषी मानकर पहलवान का सामाजिक बहिष्कार कर दिया, ब्राह्मणों ने पहलवान के यहां सभी धार्मिक कार्य करने से मना कर दिया।

सामाजिक बहिष्कार से परेशान होकर एक दिन पहलवान ने एक साधु से पूछा कि वह कैसे इस दोष से मुक्त हो सकता है, उसने मुनि से इस पाप से बचने का उपाय जानना चाहा, तब उस मुनि ने कहा कि इस ब्रह्म हत्या से मुक्ति कामिका एकादशी का व्रत रखने से ही मिलेगी, मुनि ने कहा कि इस व्रत को विधि पूर्वक करने से तुम्हारे पाप दूर हो जाएंगे, उस मुनि जी के बताए अनुसार पहलवान ने कामिका एकादशी का व्रत रखा और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की और रात्रि के समय वह भगवान विष्णु की मूर्ति के पास ही सो गया, तब स्वप्न में श्री हरि ने दर्शन और उसे ब्रह्म हत्या से मुक्ति प्रदान की, उसी दिन से कामिका एकादशी का व्रत रखने का प्रचलन हो गया।
कहते हैं कि जो व्यक्ति कामिका एकादशी व्रत कथा सुनता है, उसे पापों से मुक्ति मिलती है और वह विष्णु लोक में स्थान पाता है, तो वही कामिका एकादशी की मध्य रात्रि में उपासना ज़रुर करें या फिर या तो भगवद्गीता का पाठ करें या यथाशक्ति शिव पुराण का पाठ करें, इसके बाद अपनी समस्याओं के निवारण की प्रार्थना करें, ऐसा करने से आपकी हर तरह की समस्याओं का निवारण होगा, इसके अलावा जो लोग कामिका एकादशी की रात विष्णु मंदिर में दीपक जलाते हैं, उनके पितरों को स्वर्ग में अमृत पान का अवसर मिलता है।
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