Kainchi Dham Mela 2026 : कैंची धाम में उमड़ेगी आस्था की लहर, आज से शुरू होगा नीम करोली बाबा का भव्य मेला
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 11:20 AM (IST)
Kainchi Dham Mela 2026 : कैंची धाम उत्तराखंड के में स्थित बहुत ही प्रसिद्ध धाम है। हर साल 15 जून आश्रम का भव्य स्थापना दिवस बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। आज से यानी 15 जून, 2026 से कैंची धाम में बाबा नीम करोली का भव्य मेला शुरू हो रहा है। कैंची धाम एक बार फिर बाबा नीम करोली के जयकारों से गूंजने को तैयार है। बाबा के दर्शन के लिए इस बार देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस साल मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और सुंदर फूलों से एक दुल्हन की तरह सजाया गया है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा और यातायात के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। अगर आप भी इस पावन अवसर पर बाबा नीम करोली बाबा का आशीर्वाद लेने कैंची धाम जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं किस समय बाबा की महाआरती और महत्व के बारे में-
15 जून का ऐतिहासिक महत्व
कैंची धाम की स्थापना 15 जून 1964 को महान संत बाबा नीम करोली महाराज द्वारा की गई थी। इसी दिन आश्रम में हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। तब से लेकर आज तक, हर साल 15 जून को यहां भव्य मेले और भंडारे का आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि आज के दिन बाबा के दर पर हाजिरी लगाने मात्र से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

कैंची धाम में कब होती है आरती?
सुबह की महाआरती : सुबह की आरती 6 बजकर 45 मिनट से पूरे 7:00 बजे बाबा के दर्शन हॉल में और मुख्य मंदिर में संपन्न की गई।
शाम की आरती : शाम महाआरती 6 बजकर 45 मिनट से शाम 7:00 बजे से बाबा दर्शन हॉल और मुख्य मंदिर में की जाएगी।
स्थापना दिवस पर विशेष पूजा और महाआरती
15 जून आश्रम का भव्य स्थापना दिवस बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। इस दौरान प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात के खास इंतजाम किए जाते हैं। भव्य स्थापना दिवस पर आश्रम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम किए जाते हैं। कैंची धाम मेले की शुरुआत आज सुबह बेहद तड़के ही हो गई। सुबह के समय हनुमान चालीसा, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ किया गया और पूजा पूरी होने के बाद महाआरती की गई। सुबह से ही भक्तों के बीच बाबा के प्रिय मालपुए का प्रसाद बांटना शुरू कर दिया गया। इस अद्भुत महाप्रसाद को पाने के लिए लोग रात से ही कतारों में खड़े नजर आए।
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