Jupiter Transit 2026 in Cancer : गुरु होंगे उच्च, सिंह राशि को मिलेगा बड़ा मौका
punjabkesari.in Friday, May 01, 2026 - 04:09 PM (IST)
Jupiter Transit 2026 in Cancer : साल 2026 में देव गुरु बृहस्पति का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं, तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। गुरु कर्क में आएंगे 2 जून को। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं। गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर को दोबारा सिंह में आ जाएंगे। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छ महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। गुरु यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। लेकिन टोटल कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे।
गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है। गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12वां भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं, तो इसका बहुत फायदा होता है।
आप इसको अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है, तो गुरु का यह गोचर 12 राशियों के लिए कैसा फल लेकर आएगा। आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। यह 12 राशियों के ऊपर चर्चा करेंगे। तो, आपने देखा कि गुरु जो है वह आपके लिए कितने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। अब आपको बताएंगे कि सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर कैसा रहने वाला है, तो सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर होगा आपके 12वें भाव में। सिंह राशि के लिए 12वें का यह गोचर अच्छा नहीं है। क्योंकि सिंह राशि के लिए जो गुरु है वह एक त्रिकोण के स्वामी हो जाते हैं। जब यदि हम सिंह राशि की पत्रिका बनाएंगे न तो गुरु की जो धनु राशि है वह पंचम भाव में आ जाएगी। पंचम भाव के स्वामी का अपने भाव से अष्टम में जाना और पंचम भाव के स्वामी का 12वें में चले जाना राशि से अपने आपकी राशि से यह अच्छा नहीं है। थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। लेकिन 12वें में बैठे हैं, तो दो खराब भाव जो है वहां पर दृष्टि आएगी। उनके फल आपके लिए अच्छे हो सकते हैं।
आपके फोर्थ हाउस के ऊपर सुख स्थान है। मदर की हेल्थ को यदि कोई इशू है तो वहां पर आपको हो सकता है कोई न कोई आपको अच्छी खबर मिलने मिले या मदर से संबंधित चीजें आपकी हेल्थ से संबंधित चीजें ठीक होती हुई नजर आए। कोई प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। कोई गाड़ी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। कोई फ्लैट लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। दुकान लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो वहां पर अब वो एग्जीक्यूशन होती हुई नजर आएगी। यदि कोई नेटल प्रॉपर्टी से संबंधित केस है वहां पर भी चीजें थोड़ी सी आसान होती हुई नजर आ सकती हैं क्योंकि गुरु यहां पर अष्टम को देख रहे हैं। अष्टम नेटल प्रॉपर्टी का भाव होता है, तो वहां ये चीजें जो है वो आपके लिए थोड़ी सी आसान हो सकती हैं। रिसर्च से जुड़ा हुआ यदि आप काम करते हैं, तो वो चीजें थोड़ी सी आसान हो सकती हैं।
छठे को देखेंगे रोग का भाव है, ऋण का भाव है, शत्रु का भाव है। कोई कोर्ट का केस चल रहा है। वहां पर चीजें आपको लगता है कि थोड़ी सी बेटर होती हुई नजर आएंगी। कोई कर्ज की स्थिति है तो कर्ज थोड़ा सा उतरता हुआ नजर आ सकता है। लेकिन संतान पक्ष को लेकर थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। यदि कंसेप्शन होती है तो यहां पर कंसेप्शन में गड़बड़ हो सकती है। कॉम्प्लिकेशन आ सकती है क्योंकि पंचमेश जाकर अपने से अष्टम में और 12वें में चला गया यह अच्छा नहीं है। जिन लोगों की प्लानिंग है संतान की वहां पर ध्यान आपको जरूर रखना पड़ेगा। यह चीज़ इसमें बहुत नेगेटिव नजर आती है। यदि हम सिंह राशि की पत्रिका बनाते हैं तो यहां पर आपके लिए गुरु 12वें में गोचर करेगा। ये अच्छा नहीं है। राशि से 12वां अष्टम का पंचम से अष्टम ये अच्छा नहीं है, तो यहां पर थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। वैसे भी अष्टम में गुरु की राशि है। यह भी एक अच्छी स्थिति नहीं है। यह सिंह राशि के जातकों के लिए ओवरऑल कुछ पॉजिटिव चीजें हैं। कुछ नेगेटिव चीजें भी हैं। यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है।
उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा।
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