Mercury Retrograde 2026: कर्क राशि में वक्री होंगे बुध, सभी लग्न के जातकों पर पड़ेगा प्रभाव

punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 03:09 PM (IST)

Mercury Retrograde 2026: ज्योतिष में बुद्धि के कर्क ग्रह बुध 29 जून रात 11.05 बजे कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे और 24 जुलाई तक वक्री अवस्था में रहेंगे।  वक्री बुध 7 जुलाई को अपनी राशि मिथुन में गोचर करेंगे। जबकि जबकि 24 जुलाई को पुनः मार्गी होने के बाद 5 अगस्त को कर्क राशि में जाएंगे। बुध पुनर्वसु नक्षत्र में वक्री होंगे और इस नक्षत्र जीवन का "रीसेट बटन" माना जाता है। यह समय  गलतियों को सुधारने, दूसरा अवसर मिलने और मजबूती के साथ वापसी का प्रतीक है। वक्री बुध का  सबसे अधिक प्रभाव संचार, यात्रा, तकनीक और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है।

इस दौरान गलतफहमियां, संवाद में भ्रम और कही गई बातों का गलत अर्थ निकाले जाने की संभावना बढ़ जाती है। लैपटॉप या अन्य तकनीकी उपकरणों में खराबी, डेटा लॉस, या किसी गलत व्यक्ति को संदेश भेज देने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।बुध की वक्री चाल से वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जहां निर्णय तर्क की बजाय भावनाओं से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। सभी 12 लग्नों के जातकों पर वक्री बुध का प्रभाव निम्न में दर्ज है।

मेष- मेष लग्न के जातकों के लिए बुध कुंडली के चौथे भाव में वक्री होंगे। इस से पुराने पारिवारिक विवाद या संपत्ति से जुड़े मुद्दे फिर सामने आ सकते हैं। 7 जुलाई के बाद मिथुन राशि में बुध के प्रवेश से भाई-बहनों के साथ संवाद में गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं।  24 जुलाई के बाद परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगेंगी।

वृषभ- वृषभ लग्न के जातकों के लिए बुध जन्म कुंडली के तीसरे भाव में वक्री होंगे, जिससे अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने में कठिनाई आ सकती है। 7 जुलाई के बाद मिथुन राशि में बुध के प्रवेश के साथ खर्चों में आवेग से बचें और बोलने से पहले सोचें। 24 जुलाई के बाद आर्थिक मामलों में स्पष्टता आएगी और आप अपने संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर पाएंगे।

मिथुन- मिथुन लग्न के जातकों के दूसरे भाव में वक्री बुध इस अवधि में धन संबंधी मामलों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं  और परिवार के साथ बातचीत भावनात्मक हो सकती है। 7 जुलाई के बाद बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे आपका ध्यान स्वयं पर केंद्रित होगा। 24 जुलाई के बाद आत्मविश्वास लौटेगा और आप अधिक स्पष्टता के साथ निर्णय ले पाएंगे।

कर्क- कर्क लग्न के जातकों के लिए बुध लगन में ही वक्री होंगे। जिससे सोच, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। छोटी-छोटी बातें भी व्यक्तिगत रूप से आहत कर सकती हैं और पुराने विवाद दोबारा सामने आ सकते हैं। 7 जुलाई के बाद अत्यधिक सोच-विचार और नींद में बाधा आ सकती है। 24 जुलाई के बाद भावनात्मक संतुलन वापस आने लगेगा।

सिंह- सिंह लग्न के जातकों के लिए बुध बारहवें भाव में वक्री होकर पुरानी आशंकाओं और दबे हुए विचारों को सतह पर ला सकते हैं। 7 जुलाई के बाद मित्रों के साथ गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं, जबकि पुराने मित्रों से पुनः संपर्क भी हो सकता है। समूह चर्चाओं और संदेशों की गलत व्याख्या से बचें। 24 जुलाई के बाद मित्रों से जुड़ी उलझनें दूर होने लगेंगी।

कन्या- कन्या लग्न के जातकों के लिए बुध ग्यारहवें भाव में वक्री होकर मित्रों और सामाजिक दायरे में गलतफहमियां पैदा कर सकते हैं। 7 जुलाई के बाद कार्यक्षेत्र में संवाद को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें। मीटिंग्स टल सकती हैं, उत्तर मिलने में देरी हो सकती है या निर्देशों को गलत समझा जा सकता है। 24 जुलाई के बाद रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।

तुला- तुला लग्न के जातकों के लिए बुध दसवें भाव में वक्री होकर करियर में भ्रम और देरी की स्थिति पैदा कर सकते हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठों के साथ संवाद में सावधानी रखें, क्योंकि इसका असर आपकी छवि पर पड़ सकता है। 7 जुलाई के बाद उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा या वैचारिक मामलों में भ्रम संभव है। 24 जुलाई के बाद करियर में स्पष्टता लौटेगी और निर्णय लेना आसान होगा।

वृश्चिक- वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए  बुध नवम भाव में वक्री होकर विश्वास, उच्च शिक्षा, कानूनी मामलों और लंबी यात्राओं में भ्रम पैदा कर सकते हैं। 7 जुलाई के बाद साझा धन, निवेश और भावनात्मक विषयों में सावधानी के साथ काम लें ।आर्थिक चर्चाओं में गलतफहमियां संभव हैं। 24 जुलाई के बाद निर्णयों और वित्तीय मामलों में स्पष्टता लौटेगी।

धनु- धनु लग्न के जातकों के लिए बुध अष्टम भाव में वक्री होकर साझा वित्त, निवेश और छिपे हुए मामलों में भ्रम पैदा कर सकते हैं। 7 जुलाई के बाद रिश्तों और साझेदारी में संवाद की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अपने जीवनसाथी या करीबी संबंधों के साथ स्पष्ट बातचीत बनाए रखें। 24 जुलाई के बाद संबंधों और वित्तीय मामलों में सुधार शुरू होगा।

मकर- मकर लग्न के जातकों के लिए बुध सप्तम भाव में वक्री होकर वैवाहिक जीवन और व्यावसायिक साझेदारी में गलतफहमियां ला सकते हैं। इस दौरान धैर्य और स्पष्ट संवाद बनाए रखें। 7 जुलाई के बाद कार्यक्षेत्र और दैनिक दिनचर्या में देरी या भ्रम की स्थिति बन सकती है। छोटी-छोटी बातों की दोबारा जांच करें। 24 जुलाई के बाद संबंधों और कार्यक्षेत्र में संतुलन लौटने लगेगा।

कुंभ- कुंभ लग्न के जातकों के लिए बुध छठे भाव में वक्री होकर कार्यस्थल, दिनचर्या और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में भ्रम उत्पन्न कर सकते हैं। काम में देरी और गलतफहमियां तनाव बढ़ा सकती हैं। 7 जुलाई के बाद प्रेम संबंधों, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति में स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। संतान से जुड़े मामलों में भी चिंता बढ़ सकती है। 24 जुलाई के बाद कार्य और निजी जीवन में संतुलन वापस आएगा।

मीन- मीन लग्न के जातकों के लिए बुध पंचम भाव में वक्री होकर पुरानी भावनाओं और पुराने संबंधों की यादों को पुनः जागृत कर सकते हैं। 7 जुलाई के बाद ध्यान घर-परिवार के मामलों की ओर जाएगा। संवाद की कमी के कारण गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। घर बदलने, मरम्मत या संपत्ति से जुड़े निर्णयों में बार-बार विचार बदलने की स्थिति बन सकती है।

गौरी जैन 
ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News