January Ekadashi 2026 : जनवरी में डबल पुण्य का मौका, नोट कर लें षटतिला और जया एकादशी की सही डेट और शुभ मुहूर्त

punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 12:03 PM (IST)

January Ekadashi 2026 : नया साल 2026 अपने साथ आध्यात्मिक ऊर्जा की नई लहर लेकर आया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जनवरी का महीना व्रत और त्योहारों के लिहाज से अत्यंत शुभ रहने वाला है। इस महीने जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित दो सबसे शक्तिशाली व्रत, षटतिला एकादशी और जया एकादशी आने वाले हैं। जहां षटतिला एकादशी इस बार मकर संक्रांति के अद्भुत संयोग के साथ आ रही है, वहीं जया एकादशी व्यक्ति को सभी पापों और कष्टदायक योनियों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। यदि आप भी श्रीहरि के आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाना चाहते हैं, तो इन दोनों एकादशियों की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय नोट करना न भूलें। तो आइए जानते हैं जनवरी 2026 में कब-कब है एकादशी और क्या है इनका धार्मिक महत्व।

January Ekadashi 2026

षटतिला एकादशी शुभ मुहूर्त
इस वर्ष षटतिला एकादशी का संयोग बेहद खास है क्योंकि इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस दिन तिल का उपयोग करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। षटतिला एकादशी की शुरुआत 13 जनवरी दोपहर 3 बजकर 17 मिनट पर होगी और इसका समापन 14 जनवरी शाम 5 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 
सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। 

धार्मिक महत्व
इस दिन तिल का छह प्रकार से उपयोग करने की परंपरा है स्नान, उबटन, हवन, जलपान, भोजन और दान। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

January Ekadashi 2026

जया एकादशी शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में जया एकादशी का व्रत बहुत कल्याणकारी माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करता है और ब्राह्मणों को सम्मानपूर्वक भोजन कराता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत व्यक्ति को मृत्यु के बाद मिलने वाली कष्टदायक योनियों जैसे भूत, प्रेत या पिशाच योनि के बंधन से मुक्ति दिलाता है। जया एकादशी की शुरुआत 28 जनवरी शाम 4 बजकर 35 मिनट पर होगी और इसका समापन 29 जनवरी दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होगा।  
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 11 मिनट से सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। 

धार्मिक महत्व
जया एकादशी के बारे में कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं, उन्हें पिशाच और प्रेत जैसी 'नीच योनियों' से मुक्ति मिल जाती है। यह व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति और मोक्ष की ओर ले जाता है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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