January Ekadashi 2026: जनवरी में कब-कब है एकादशी? जानें षटतिला और जया एकादशी की Dates
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 10:36 AM (IST)
January Ekadashi 2026 date: हिंदू धर्म में एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी के स्वामी भगवान श्रीहरि विष्णु हैं। विधि-विधान से एकादशी व्रत, विष्णु पूजन और रात्रि जागरण करने से मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है। पद्म पुराण और विष्णु पुराण में एकादशी व्रत की महिमा विस्तार से वर्णित है।
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है, “जैसे नागों में शेषनाग, पक्षियों में गरुड़ और देवताओं में श्रीविष्णु श्रेष्ठ हैं, वैसे ही सभी व्रतों में एकादशी सर्वोत्तम है।”

January Ekadashi 2026 की पूरी सूची
जनवरी 2026 में माघ मास की दो अत्यंत पुण्यदायी एकादशियां पड़ रही हैं—
षटतिला एकादशी
जया एकादशी
षटतिला एकादशी – 14 जनवरी 2026
इस वर्ष षटतिला एकादशी मकर संक्रांति के पावन पर्व के साथ पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
तिथि:
13 जनवरी 2026, दोपहर 3:17 बजे से
14 जनवरी 2026, शाम 5:52 बजे तक
पूजा मुहूर्त:
सुबह 7:15 – 9:53
व्रत पारण:
15 जनवरी, सुबह 7:15 – 9:21

षटतिला एकादशी का महत्व
इस दिन तिल का 6 प्रकार से प्रयोग किया जाता है तिलयुक्त जल से स्नान, तिल का उबटन, तिल से हवन, तिल मिश्रित जल का सेवन,
तिल का भोजन, तिल का दान। मान्यता है कि इससे दरिद्रता, रोग और पापों का नाश होता है।
जया एकादशी – 29 जनवरी 2026
तिथि:
28 जनवरी 2026, शाम 4:35 बजे से
29 जनवरी 2026, दोपहर 1:55 बजे तक
पूजा मुहूर्त:
सुबह 7:11 – 9:32
व्रत पारण:
30 जनवरी, सुबह 7:20 – 9:20
जया एकादशी का फल
जया एकादशी का व्रत करने और ब्राह्मणों को भोजन कराने से व्यक्ति भूत, प्रेत, पिशाच जैसी नीच योनियों से मुक्ति पाता है और मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है।
January Ekadashi 2026 में आने वाली षटतिला और जया एकादशी दोनों ही अत्यंत फलदायी हैं। श्रद्धा, संयम और भक्ति से किया गया यह व्रत जीवन को सात्त्विक और सफल बनाता है।

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