Inspirational Context : जानें, कैसे बिना एक भी गोला दागे जर्मनी के सेनापति रोमेल ने जीता युद्ध ?
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 01:19 PM (IST)
Inspirational Context : दूसरे विश्व युद्ध की बात है। जर्मनी के सेनापति रोमेल अफ्रीका के एक रेगिस्तान में अंग्रेजों से युद्ध कर रहे थे। इसी दौरान उनके तोपखाने के गोले खत्म हो गए। अंग्रेजों की सेना सामने से बढ़ी चली आ रही थी। गोला-बारूद न होने से अंग्रेजों की सेना को रोक पाना असंभव सा हो गया था। ऐसे में साथी सेनाधिकारी दौड़े-दौड़े उनके पास आए और बोले, “सर, अंग्रेजों ने हमला बोल दिया है। हमारे पास इस समय खाली तोपों के अलावा और कुछ भी नहीं है। हम क्या करें? हमारा बचना तो बहुत मुश्किल है।”
साथियों की बातें सुनकर रोमेल बोले, “घबराने से कुछ नहीं होगा। बुद्धि और चतुराई से काम लेकर दुश्मन सेना के छक्के छुड़ाने होंगे। हमारे पास गोला-बारूद न सही, धूल तो है। तोपों में धूल भरो और दनादन दागो। कुछ हवाई जहाजों को भी उड़ने के लिए ऊपर छोड़ दो। हमें अंग्रेजों की सेना को डराकर पीछे हटाना ही होगा।”
रोमेल की बात मानकर उनके साथी सेनाधिकारियों ने ऐसा ही किया।

कुछ ही देर में तोपों की गड़गड़ाहट से आसमान भी हिल गया। चारों ओर धूल ही धूल उड़ती देखकर अंग्रेज भयभीत हो गए। उन्होंने समझा कि शत्रु की अपार सेना आगे बढ़ती चली आ रही है। उड़ती हुई धूल में वे वास्तविकता का पता नहीं लगा सके। इधर, जर्मन हवाई जहाजों ने भी खाली उड़ान भरकर शत्रु सेना को आतंकित कर दिया।
दहशत व घबराहट से शीघ्र ही शत्रु सेना के पांव उखड़ गए और वह भाग खड़ी हुई। सेनापति रोमेल की चतुराई ने एक बड़े युद्ध पर हथियार न होते हुए भी सहजता से विजय पा ली। इस विजय के कारण ही आज इतिहास में उनका नाम है।
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