Madame Curie Story : महानता कपड़ों में नहीं, काम में बसती है ! मैडम क्यूरी के इस अनसुने किस्से में छिपा है सफलता का असली मंत्र

punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 03:33 PM (IST)

Madame Curie Story : प्रसिद्ध वैज्ञानिक मैडम क्यूरी को भौतिकी में संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला था। पुरस्कार मिलने के बाद उनकी ख्याति दुनिया भर में फैल गई। हर तरह के लोग उनसे मिलने और उनके बारे में जानने को उत्सुक रहते थे। लेकिन मैडम क्यूरी को इन सब में कोई खास दिलचस्पी न थी। वह अपनी उपलब्धि और प्रसिद्धि से बेखबर रहती थीं। उनके रहन-सहन और स्वभाव में कोई तबदीली नहीं आई।

Madame Curie Story

उन्हें बस अपने काम से मतलब रहता था। वह दिन-रात अध्पयन और शोध में लगी रहती थी। एक बार एक पत्रकार उनका साक्षात्कार लेने उनके घर पहुंचा। बाहर बैठी मैडम क्यूरी को उसने नौकरानी समझा और पूछा, “क्या आप यहां की नौकरानी हैं?” मैडम क्यूरी ने कहा, “जी हां, कहिए क्या बात है?” 

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इस पर पत्रकार ने पूछा, “क्या घर की मालकिन घर  में हैं?” 

मैडम क्यूरी ने कहा, “नहीं, वह बाहर गई हैं।”

पत्रकार ने पूछा, “क्या वह जल्दी लौटेंगी?” 

मैडम क्यूरी ने कहा, “वह जल्दी नहीं लौटेंगी।”

यह सुनकर पत्रकार सोच में पड़ गया। फिर वह जाने लगा। तभी उसे कुछ ख्याल आया। उसने रुक कर पूछा क्या वह आपको कुछ कह कर गई हैं? 

मैडम क्यूरी ने कुछ सोचते हुए कहा, “हां, उन्होंने कहा है कि अगर कोई आए तो बता देना कि लोगों को उन्हें उनकी वेशभूषा से नहीं, उनके विचारों और काम से पहचानना चाहिए।” 

यह सुनकर पत्रकार चौंक गया। उसे सब कुछ समझ में आ गया। वह बहुत शर्मिंदा हुआ। उसने मैडम क्यूरी से क्षमा मांगी। उसके बाद वह जिससे भी मिलता मैडम क्यूरी की सरलता और उदारता की तारीफ जरूर करता।

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Content Editor

Sarita Thapa

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