Chandra Grahan 3 March 2026: आज लगेगा पहला चंद्र ग्रहण, पढ़ें पूरी Detail

punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 07:12 AM (IST)

Chandra Grahan 3 March 2026: 3 मार्च 2026, मंगलवार को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में भी दृश्यमान होगा, इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व विशेष माना जा रहा है। चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को लगेगा, जिस दिन होलिका दहन और होली का पर्व भी पड़ता है। ऐसे में लोगों के मन में यह जानने की उत्सुकता है कि ग्रहण का समय क्या रहेगा, सूतक काल कब से लगेगा और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

PunjabKesari Chandra Grahan 3 March 2026

चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 का समय (भारत में)
ग्रहण प्रारंभ:
दोपहर 3 बजकर 21 मिनट
ग्रहण समाप्त: शाम 6 बजकर 46 मिनट
कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 25 मिनट
दृश्यता: भारत सहित एशिया के कई देशों में दिखाई देगा।

(समय भारतीय मानक समय – IST के अनुसार)

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सूतक काल कब से लगेगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है।
सूतक काल प्रारंभ: सुबह 6 बजकर 20 मिनट
सूतक काल समाप्त: शाम 6 बजकर 46 मिनट (ग्रहण समाप्ति के साथ)
सूतक काल के दौरान शुभ कार्य, पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:

मंत्र जाप और भगवान का ध्यान करें।
गीता, रामायण या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान करें।
घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

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क्या न करें:
भोजन पकाना या खाना। गर्भवती महिलाएं तेज धारदार वस्तु का उपयोग न करें। मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं। शुभ कार्यों की शुरुआत न करें।

ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्र ग्रहण का प्रभाव
चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह है। इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, पारिवारिक संबंध और स्वास्थ्य पर देखा जा सकता है। मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। जल तत्व राशियों (कर्क, वृश्चिक, मीन) पर भावनात्मक प्रभाव अधिक रह सकता है। ध्यान, योग और मंत्र जाप लाभकारी रहेगा।


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होली और चंद्र ग्रहण का संबंध
इस वर्ष चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा को लग रहा है, जिस कारण होली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। चूंकि ग्रहण के दिन सूतक काल मान्य रहेगा, इसलिए 3 मार्च को रंगों की होली खेलना शुभ नहीं माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 4 मार्च 2026 को रंगों की होली मनाना अधिक शुभ और शास्त्रसम्मत रहेगा।

ग्रहण के बाद क्या करें?
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
घर में तुलसी या देवी-देवताओं की पूजा करें।
सकारात्मक ऊर्जा के लिए दीपक जलाएं।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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