गुस्से पर लगेगा ब्रेक ! ये चमत्कारी रत्न मिनटों में शांत कर देगा बेचैन मन
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 04:16 PM (IST)
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Gussa Control gemstone : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव और आपसी प्रतिस्पर्धा ने इंसान के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और गुस्सा भर दिया है। कई बार हमें छोटी-छोटी बातों पर इतना तेज गुस्सा आता है कि हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित होता है, तो मानसिक अशांति, बेचैनी और अत्यधिक क्रोध की स्थिति पैदा होती है।
यदि आप भी अपने गुस्से पर काबू नहीं पा पा रहे हैं और आपका मन हमेशा अशांत रहता है, तो मोती रत्न आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सफेद और शीतल चमक वाला यह रत्न न केवल आपकी सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि मिनटों में मन को शांत करने की पावर भी रखता है।

चंद्रमा और मन का गहरा संबंध
शास्त्रों में कहा गया है चंद्रमा मनसो जातकः अर्थात् चंद्रमा मन का कारक है। जैसे समुद्र में ज्वार-भाटा चंद्रमा की कलाओं से आता है, वैसे ही हमारे शरीर के भीतर का जल तत्व और भावनाएं भी चंद्रमा से प्रभावित होती हैं। जब चंद्रमा शुभ होता है, तो व्यक्ति शांत, धैर्यवान और रचनात्मक होता है। जब चंद्रमा कमजोर होता है तो व्यक्ति बिना बात के गुस्सा करता है, उसे नींद कम आती है और वह हमेशा अनजाने डर या बेचैनी में रहता है।
मोती पहनने के जादुई फायदे
मोती रत्न सीधे तौर पर चंद्रमा की ऊर्जा को सोखकर धारण करने वाले के शरीर में संचारित करता है। मोती की प्रकृति शीतल होती है। इसे पहनने से मस्तिष्क को ठंडक मिलती है, जिससे अचानक आने वाले गुस्से में भारी कमी आती है। यदि आप रात भर सोच-विचार करते रहते हैं, तो मोती पहनने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। छात्रों के लिए मोती बहुत लाभकारी है। यह मन के भटकाव को रोककर एकाग्रता बढ़ाता है। जब मन शांत रहता है, तो वाणी में मधुरता आती है, जिससे परिवार और कार्यक्षेत्र में आपके संबंध बेहतर होने लगते हैं।

किसे पहनना चाहिए मोती ?
यद्यपि मोती एक सौम्य रत्न है लेकिन इसे पहनने से पहले अपनी राशि और कुंडली का विश्लेषण जरूरी है:
कर्क राशि: कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है इसलिए इस राशि के जातकों के लिए मोती 'जीवन रक्षक' रत्न की तरह काम करता है।
मेष, वृश्चिक, मीन और धनु: इन राशियों के लिए भी चंद्रमा शुभ फलदायी होता है, अतः ये जातक भी मोती पहन सकते हैं।
वृषभ राशि: वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च का होता है, इसलिए यह बेहद शुभ परिणाम देता है।
यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा नीच का है या आप बहुत ज्यादा भावुक हैं, तो ज्योतिषी की सलाह के बिना इसे न पहनें क्योंकि यह भावुकता को और बढ़ा सकता है।

सोमवार को ही क्यों पहनें और क्या है सही विधि ?
मोती धारण करने के लिए सोमवार का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह दिन भगवान शिव और चंद्रमा को समर्पित है।
धारण करने की विधि:
मोती को हमेशा चांदी की अंगूठी या लॉकेट में ही जड़वाना चाहिए। चांदी और मोती का मिलन शीतलता को दोगुना कर देता है। सोमवार की सुबह शुक्ल पक्ष में इसे पहनना सबसे उत्तम है। अंगूठी को सबसे पहले गंगाजल, कच्चे दूध और शहद के मिश्रण में डुबोकर शुद्ध करें। ॐ सों सोमाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान शिव का ध्यान करें। पुरुष इसे दाहिने हाथ की कनिष्ठा में पहनें, जबकि महिलाएं इसे बाएं हाथ की कनिष्ठा में पहन सकती हैं।
