सावन में कब-कब बरसेगी मां गौरी की कृपा, अभी नोट कर लें मंगला गौरी व्रत की ये जरूरी तारीखें

punjabkesari.in Monday, Jul 20, 2026 - 09:35 AM (IST)

Mangala Gauri Vrat dates : हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। सावन का महीना देवों के देव महादेव की कृपा पाने और उन्हें प्रसन्न करने के बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं, सावन के हर मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत माता पार्वती को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा दिन होता है। पंचांग के अनुसार, इस बार सावन की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और समापन 28 अगस्त को होगा। मान्यता है कि जो भी वैवाहिक महिलाएं या कुंवारी कन्याएं पूरे विधि-विधान के साथ मंगला गौरी का व्रत रखती है, उन्हें महादेव के संग मां पार्वती की कृपा प्राप्त होती है और मन की हर मुराद पूरी होती है। तो आइए जानते हैं कि सावन में मंगला गौरी का व्रत कब-कब रखा जाएगा। 

Mangala Gauri Vrat dates

व्रत 
मंगला गौरी व्रत की तिथि महत्व
पहला मंगला गौरी व्रत 4 अगस्त 2026 सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, सुख-समृद्धि की शुरुआत।
 
दूसरा मंगला गौरी व्रत 11 अगस्त 2026 दूसरा व्रत, इस दिन सावन शिवरात्रि का भी खास संयोग रहेगा।
तीसरा मंगला गौरी व्रत  18 अगस्त 2026 तीसरा व्रत, दांपत्य जीवन के क्लेश दूर करने के लिए उत्तम।
चौथा मंगला गौरी व्रत  25 अगस्त 2026 आखिरी मंगला गौरी व्रत, इस दिन व्रत का उद्यापन भी किया जाता है।

Mangala Gauri Vrat dates

मंगला गौरी व्रत का महत्व 

सनातन धर्म में मंगला गौरी व्रत को मुख्य रूप से महिलाओं के लिए सौभाग्य का वरदान माना गया है। माना जाता है कि इस दिन  अगर शादीशुदा महिलाएं पूरे विधि-विधान के साथ मंगला गौरी की पूजा करती हैं और व्रत रखती है, तो उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है। वहीं, यदि किसी कन्या के विवाह में देरी हो रही हो या कुंडली में कोई मांगलिक दोष हो, तो सावन के मंगलवार का व्रत रखने से मनचाहे और योग्य वर की प्राप्ति होती है।

Mangala Gauri Vrat dates

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Content Editor

Sarita Thapa

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