Gangaur Puja 2026 Aarti : ईसर-गौरी को प्रसन्न करने के लिए गणगौर पूजा में गाएं ये आरती, मिलेगा माता पार्वती और शिव का आशीर्वाद

punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 02:41 PM (IST)

Gangaur Puja 2026 Aarti : राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और अखंड सौभाग्य के प्रतीक गणगौर का पर्व केवल एक व्रत नहीं, बल्कि शिव-शक्ति के अटूट प्रेम का उत्सव है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए पति की लंबी आयु और कुमारियों के लिए सुयोग्य वर की प्राप्ति का वरदान लेकर आता है। मान्यता है कि इस दिन माता गौरी अपने पीहर आती हैं और उनके साथ भगवान शिव उन्हें लेने पहुंचते हैं। मारवाड़ी संस्कृति के इस सबसे रंगीले उत्सव में मिटटी के ईसर-गौरी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। लेकिन, शास्त्रों के अनुसार कोई भी पूजन तब तक पूर्ण नहीं माना जाता, जब तक श्रद्धा भाव से आरती न की जाए। 

गणगौर की पारंपरिक आरती केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भक्त के हृदय की पुकार है। इस आरती की मधुर ध्वनि न केवल घर के वातावरण को पवित्र करती है, बल्कि साधक के भीतर सात्विक ऊर्जा का संचार भी करती है। कहा जाता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ ईसर-गौरी की आरती गाते हैं, उन्हें महादेव और माता पार्वती का संयुक्त आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहता है। तो आइए जानते हैं गणगौर पूजा की वह सिद्ध आरती, जिसे गाकर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का उजियारा फैला सकते हैं।

Gangaur Puja 2026 Aarti

Gangaur Puja Ki Aarti गणगौर की आरती 

आरती कीजिए गणगौर ईसर जी की
गौरी शंकर शिव पार्वती की 

देसी घी को दीप जलायो
तोड़ तोड़ फूलडा हार बनायो
लाला फूला की थाने हार पहनायो
आरती कीजिए...

महिमा थारी सब कोई गावे
खीर ढोकला को भोग लगावे
भंडार उसके भर देते हो
आरती कीजिए...

ईसर म्हारा छैल छबीला
गोरा म्हारी रूप की रानी
सुंदर जोड़ी पर वारी वारी जाऊं
आरती कीजिए...

जो कोई आपकी शरण में आवे
सर्व सुहाग परम पथ पावे
आरती कीजिए...

Gangaur Puja 2026 Aarti

Gangaur Puja Ki Aarti गणगौर पूजा आरती
म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी,
म्हारी मालण फुलडा से लाय। 
सूरज जी थाको आरत्यों जी,
चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी। 
ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी,
ईसर जी थाको आरत्यो जी।
थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू,
पान की पचास मेलू।
पीली पीली मोहरा मेलू , रुपया मेलू,
डेड सौ सुपारी मेलू , मोतीडा रा आखा मेलू।
राजा जी रो सुवो मेलू , राणी जी री कोयल मेलू,
करो न भाया की बहना आरत्यो जी।
करो न सायब की गौरी आरत्यो जी।।

Gangaur Puja 2026 Aarti

Gangaur Puja Aarti नीव ढलती बेलड़ी जी 
नीव ढलती बेलड़ी जी,
मालन फुलड़ा सा ल्याय, ईसरदास थारो कोटडया जी,
मालन फुलड़ा सा ल्याय, कानीराम थारो आरती जी।
आरतडदात धाम सुपारी लागी डोड़ा स जी,
डोड़ा राज कोट चिणाए, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गायां जाई छ ठाणम जी, बहुवां जाई छ साल, झीलो म्हारी चूनड़ी जी,
गायां जाया बाछड़ा जी, बहूवां जाया छ पूत, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गायां खाया खोपरा जी बहूवां खाई छ सूट, झीलो म्हारी चूनड़ी जी,
गायां क गल घूघरा जी बहूवां कागल हार, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गोरल जायो द पूत जी कुण खिलायगी जी, खिलासी रोवां ननद झाबर क पालण जी,
आँख मोड़ नाक मोड़ कड़ मोड़ घूमर घाल,बाड़ी न रुन्दल जी।
बाड़ी म लाल किवाड़, झीली म्हारी चूनड़ी जी, आवगा ब्रह्मदासजी रा पूत पाजोव थारी मन राली जी।

Gangaur Puja 2026 Aarti

Parvati Mata Ki Aarti माता पार्वती जी की आरती 
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
 
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
 
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
 
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
 
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
 
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

Gangaur Puja 2026 Aarti

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Content Editor

Sarita Thapa

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