Sawan 2026 : सावन में महादेव को करना है प्रसन्न तो जानिए शिवलिंग पर कौन-सा फूल चढ़ाएं और किससे करें परहेज

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 01:00 PM (IST)

Sawan 2026 : हिंदू धर्म सावन माह का बहुत खास महत्व है। ये माह देवों के देव महादेव की कृपा प्राप्त करने और उनको प्रसन्न करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। 30 जुलाई, 2026 से सावन का महीना शुरू हो रहा है। इस माह में भगवान शिव का पूजन किया जाता है और शिवलिंग का भव्य अभिषेक होता है। इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि इस माह में भगवान शिव को कुछ फूल अर्पित करने से मन की हर इच्छा पूरी होती है, वहीं कुछ ऐसे फूल हैं, जो शिव जी को चढ़ाने से परहेज करना चाहिए। माना जाता है कि इस माह में सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करने और उपवास रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से फूल हैं, जो महादेव को चढ़ाने चाहिए और किन फूलों से परहेज करना चाहिए। 

महादेव को सबसे प्रिय हैं ये फूल 

धतूरे का फूल 
भगवान शिव को धतूरे का फूल अर्पित करना बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में देवों के देव महादेव को धतूरे का फूल चढ़ाने से जीवन की सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता और खुशहाली बनी रहती है। 

कनेर का फूल 
मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में महादेव की पूजा करने के बाद उन्हें कनेर का फूल अर्पित करने से लंबी उम्र की प्राप्ति होती है और शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं। साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता मिलती है। 

आक या मदार का फूल
सफेद और बैंगनी रंग का आक का फूल महादेव को बेहद प्रिय है। शिव पुराण के अनुसार, आक के फूलों से शिवजी की पूजा करने से लंबी उम्र की प्राप्ति होती है और हर तरह के शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर हो जाते हैं।

शमी का फूल
शमी के पत्ते और इसके छोटे फूल भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव को भी प्रिय हैं। सावन में शमी के फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से कुंडली में मौजूद सभी तरह के ग्रह दोष, विशेषकर शनि दोष का प्रभाव कम होता है।

कौन से फूल शिव जी को नहीं अर्पित करना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी कुछ फूल ऐसे हैं, जो भूलकर भी अर्पित नहीं करना चाहिए।  केतकी और चंपा दो ऐसे फूल हैं, जो देवों के देव महादेव को नहीं चढ़ाना चाहिए। इन दोनों फूलों के बारे में शिव पुराण विस्तार से बताया गया है, कि क्यों शिव जी को यह फूल चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता है। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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