Ganga Dussehra 2026: शनि की टेढ़ी नजर और राहु-केतु के कोप से बचाएगा बस एक लोटा गंगाजल, गंगा दशहरा पर करें ये अचूक ज्योतिषीय उपाय
punjabkesari.in Friday, May 22, 2026 - 02:19 PM (IST)
Shani, Rahu-Ketu Dosha Remedies with Ganga Jal: हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को 'गंगा दशहरा' के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। वर्ष 2026 में यह पर्व 25 मई को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान का जितना महत्व है, उससे कहीं अधिक महत्व गंगाजल के विशेष उपायों का है, जो जातक को शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु-केतु के घातक प्रभावों से मुक्ति दिला सकते हैं।

Ganga Dussehra Ke Upay गंगा दशहरा के उपाय: मां गंगा का जिस स्थान पर वास होता है, वो स्थान परम पवित्र और सुख-संपति से भरपूर होता है। गंगा सप्तमी पर घर की पूर्व दिशा में गंगा जल का कुंभ स्थापित करें। फिर कुंभ को तिलक करें। अक्षत फल पुष्प, माला, रक्षा सूत्र चढ़ा कर माता गंगा का ध्यान करें। उनके मंत्र का जाप करें।
Ganga mantra: मंत्र: ॐ नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहा

गंगा दशहरा के दिन शिव पूजन करें। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। इससे न केवल राहु-केतु के दोष शांत होते हैं बल्कि अन्य ग्रह दोष के कारण होने वाली समस्याओं से भी मुक्ति मिलेगी। ध्यान रखें जिस लोटे में गंगाजल डालकर आप शिवलिंग का अभिषेक करेंगे। वो लोटा पीतल अथवा तांबे या चांदी का होना चाहिए।
शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाएं और शनि देव की प्रतिमा पर चढ़ाएं। इससे शनि संबंधी शारीरिक और आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए एक लोटा जल लेकर उसमें काले तिल, कच्चा दूध और गंगा जल डालें, फिर पीपल की जड़ में अर्पित करें।

गंगा जल से स्नान करने पर न केवल पाप कर्मों से मुक्ति बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।
कर्ज से परेशान हैं तो पीतल की बोतल या लोटे में गंगाजल भरकर अपने कमरे में उत्तर-पूर्व कोण में रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से कर्ज में डूबे व्यक्ति को राहत मिलती है और कर्ज की परेशानी के साथ अन्य परेशानियां भी दूर हो जाती हैं।
यदि आपके घर में नकारात्मकता बढ़ गई है और हमेशा क्लेश का वातावरण बना रहता है तो इसके लिए प्रतिदिन पूजा के बाद अपने पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की सारी नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
छोटे बच्चे को किसी की बुरी नजर लग गई है तो उसे गंगा जल से स्नान करवाएं, नजर दोष का प्रभाव नष्ट होगा।

