Festival Celebration: नवरात्रि से दीवाली तक बाजारों में होगी धनवर्षा, 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के कारोबार का अनुमान
punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 11:27 AM (IST)
नई दिल्लीः देशभर में त्योहारी सीजन की रौनक बढ़ने लगी है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दुर्गा पूजा की धूम शुरू हो गई है। वहीं उत्तर भारत में नवरात्रि से लेकर दिवाली तक बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज होने की उम्मीद है। कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, इस साल नवरात्रि से दिवाली तक देशभर में 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार हो सकता है। पिछले साल के मुकाबले कारोबार में 15 से 18 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
पिछले साल 6.05 लाख करोड़ रुपए का हुआ था कारोबार
कैट के महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, पिछले साल दीवाली के दौरान देशभर में करीब 6.05 लाख करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज किया गया था। इसमें 5.40 लाख करोड़ रुपए का सामान और लगभग 65,000 करोड़ रुपए की सेवाएं शामिल थीं।
इस साल भी बाजार में अच्छी मांग रहने की उम्मीद है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के बाद करवा चौथ, धनतेरस, दीवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती और तुलसी विवाह जैसे त्योहारों के चलते व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में रहेगी सबसे ज्यादा मांग त्योहारी सीजन में रोजमर्रा के सामान से लेकर आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सजावट से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री बढ़ने का अनुमान है।
सर्विस सेक्टर में भी बढ़ेगी कमाई
इस बार त्योहारी कारोबार में सेवा क्षेत्र की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है। परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, होटल-रेस्टोरेंट, पर्यटन, कैटरिंग, टेंट-डेकोरेशन, लाइटिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
खंडेलवाल के मुताबिक, पिछले साल सेवा क्षेत्र का कारोबार करीब 65,000 करोड़ रुपए रहा था। इस वर्ष इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि का शुरुआती अनुमान है। इसके चलते त्योहारी अवधि में सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग 80,000 करोड़ से एक लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
छोटे कारोबारियों को राहत की उम्मीद
त्योहारी सीजन में बढ़ती खरीदारी से छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, स्थानीय बाजारों और सेवा प्रदाताओं को फायदा मिलने की संभावना है। कपड़े, मिठाई, सजावटी सामान, पूजा सामग्री और उपहारों की मांग बढ़ने से बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
विभिन्न क्षेत्रों की संभावित हिस्सेदारी
किराना एवं एफएमसीजी:12%
सोना-चांदी एवं आभूषण:10%
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स: 8%
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 7%
रेडीमेड गारमेंट्स: 7%
गिफ्ट आइटम्स: 7%
होम डेकोर: 5%
फर्नीचर एवं फर्निशिंग: 5%
मिठाई एवं नमकीन: 5%
टेक्सटाइल एवं फैब्रिक्स: 4%
पूजा सामग्री: 3%
फल एवं ड्राई फ्रूट्स: 3%
बेकरी एवं कन्फेक्शनरी: 3%
फुटवियर: 2%
अन्य वस्तुएं एवं संबंधित कारोबार: 19%
