Durva Ashtami 2026 : आज मनाया जाएगा दूर्वा अष्टमी का यह पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 05:30 AM (IST)
Durva Ashtami 2026 : हिंदू धर्म में भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का बहुत खास महत्व है। इस पावन तिथि को दुर्वा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से गणेश जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन मुख्य रूप से विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश, माता पार्वती और पवित्र दूर्वा घास की पूजा के लिए बहुत फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं दूर्वा अष्टमी के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-
दूर्वा अष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पावन व्रत रखा जाता है। अष्टमी तिथि का प्रारंभ भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि का प्रारंभ 18 सितंबर 2026 को तड़के 12:00 बजे से होगी और इसका समापन 19 सितंबर 2026 को दोपहर 03 बजकर 27 मिनट पर होगा। इस साल दूर्वा अष्टमीका पावन पर्व 18 सितंबर 2026, दिन शुक्रवार को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा ।
दूर्वा अष्टमी का महत्व
महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। ज्योतिष में दूर्वा का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने से कुंडली में बुध मजबूत होता है, जिससे बुद्धि, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आता है।
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