Kanya Sankranti 2026 : कब मनाई जाएगी कन्या संक्रांति 2026, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और पुण्यकाल का समय
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 10:52 AM (IST)
Kanya Sankranti 2026 : सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का विशेष धार्मिक और अध्यात्मिक महत्व होता है। जब सूर्य देव एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में गोचर करते हैं, तो उस तिथि को संक्रांति कहा जाता है। बहुत जल्द सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का कन्या राशि में गोचर करने की तिथि को कन्या संक्रांति कहा जाता है। यद दिन सूर्य देव की पूजा, स्नान और दान-पुण्य के लिए बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से सूर्य देव की पूजा करने और उन्हें जल चढ़ाने से जीवन में आ रही सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों का प्राप्ति होती है।
कन्या संक्रांति 2026 डेट
पंचांग क अनुसार, वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सूर्य देव का कन्या राशि में गोचर 17 सितंबर की सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर होगा। यही समय कन्या संक्रांति का मुख्य क्षण रहेगा। इस विशेष दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को बेहद फलदायी माना गया है, जिसमें शुरू किए गए सभी मांगलिक व धार्मिक कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
कन्या संक्रांति 2026 महापुण्य काल
कन्या संक्रांति का महापुण्य काल 2 घंटे 3 मिनट का होगा। महापुण्य काल सुबह 07 बजकर 58 मिनट से सुबह 10 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। वहीं, कन्या संक्रांति का पुण्य काल सुबह में 07 बजकर 58 मिनट से दोपहर 02 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस आधार पर पुण्य काल का कुल समय 6 घंटे 33 मिनट का होगाा।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
