Varaha Jayanti 2026 : आज मनाई जाएगी वराह जयंती 2026, जानें सही तारीख, पूजा का शुभ समय और धार्मिक महत्व
punjabkesari.in Sunday, Sep 13, 2026 - 08:01 AM (IST)
Varaha Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में वराह जयंती को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को श्री हरि के तीसरे अवतार श्री वराह का प्राकट्य दिवस यानी वराह जयंती के रूप में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब दैत्य हिरण्याक्ष ने संपूर्ण पृथ्वी को जल में डुबो दिया था, तब भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर हिरण्याक्ष का वध किया था और पृथ्वी को पुनः उसके स्थान पर स्थापित किया था। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन और पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु के वराह रूप की पूजा करने से मन की सारी मुराद पूरी होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
कब है वराह जयंती?
वराह जयंती हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में यह पर्व रविवार, 13 सितंबर को मनाया जाएगा। तृतीया तिथि की शुरुआत 13 सितंबर की सुबह 7 बजकर 8 मिनट से होगी और इसका समापन 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर होगा।
वराह जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 13 सितंबर को पूजा का शुभ समय दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शाम 4 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु भगवान वराह की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं।
वराह जयंती का धार्मिक महत्व
भगवान वराह का यह अवतार प्रकृति और संपूर्ण सृष्टि की रक्षा का संदेश देता है। इस दिन भगवान वराह की पूजा करने से जीवन से भय, नकारात्मक शक्ति और आकस्मिक संकट दूर होते हैं। मान्यता है कि भूमि, मकान या प्रॉपर्टी से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए वराह जयंती का व्रत और पूजन अत्यंत लाभकारी होता है।
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