Char dham Yatra News : केदारनाथ का नया बजट जारी ! रजिस्ट्रेशन फ्री पर यात्रा पर लगा महंगाई का ब्रेक, जाने क्या है नया रेट
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 02:20 PM (IST)
Char dham Yatra News : केदारनाथ और चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए मिली-जुली खबर आ रही है। एक तरफ जहां सरकार ने दर्शन और रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह निःशुल्क रखा है, वहीं दूसरी ओर यात्रा के अन्य खर्चों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दर्शन और रजिस्ट्रेशन: पूरी तरह फ्री
उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ सहित चारों धामों के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं है। श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए मुफ्त में अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। मंदिर में दर्शन के लिए भी कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है।
कहां बढ़ा आपकी जेब पर बोझ?
भले ही दर्शन फ्री हों, लेकिन यात्रा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सेवाओं के दाम बढ़ गए हैं। नई रेट लिस्ट के अनुसार मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं।
हेलीकॉप्टर किराया
हेलीकॉप्टर सेवाओं के दामों में इस बार संशोधन किया गया है। अब आपको अलग-अलग बेस कैंप से केदारनाथ जाने के लिए लगभग इतना खर्च करना होगा:
सिरसी (Sirsi) से: ₹3,043 (एक तरफ का)
फाटा (Phata) से: ₹4,840 (एक तरफ का)
गुप्तकाशी (Guptkashi) से: ₹6,077 (एक तरफ का)
राउंड ट्रिप (आने-जाने) का खर्च ₹8,800 से ₹12,500 के बीच जा सकता है।
घोड़ा, खच्चर और डंडी-कंडी
पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों और पालकी के रेट्स में भी 10% से 15% की वृद्धि देखी गई है। अब गौरीकुंड से केदारनाथ तक एक तरफ का किराया दूरी और वजन के हिसाब से ₹2,500 से ₹7,000 तक हो सकता है।
परिवहन और होटल
पेट्रोल-डीजल की कीमतों और भारी मांग के कारण प्राइवेट टैक्सी और बसों के किरायों में भी उछाल आया है। ऋषिकेश या हरिद्वार से पूरी चारधाम यात्रा का बजट अब औसतन ₹25,000 से ₹35,000 प्रति व्यक्ति (बजट कैटेगरी में) तक पहुँच गया है।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
केवल आधिकारिक वेबसाइट: हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (heliyatra.irctc.co.in) से ही बुक करें। ठगों से सावधान रहें।
RFID कार्ड: रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाला क्यूआर कोड या कार्ड साथ रखें, इसके बिना सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
पहले से बुकिंग: यात्रा सीजन में भीड़ बढ़ने के कारण होटल और गाड़ियाँ पहले से बुक करना ही समझदारी है।
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