Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा में बड़ा फैसला, बदरी-केदार समेत धामों में मोबाइल ले जाने पर रोक
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 09:31 AM (IST)
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Char Dham Yatra 2026 : चारधाम की पवित्रता और धार्मिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए इस वर्ष प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारों धामों के मंदिर परिसरों में श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति और जिला प्रशासन मिलकर मोबाइल फोन को सुरक्षित रूप से जमा कराने की विशेष व्यवस्था करेंगे।
चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को ट्रांजिट कैंप में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने की, जबकि गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी इस दौरान उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी जिलों को फरवरी तक आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, जबकि तैयारियों से जुड़े कार्य काफी हैं। इसे देखते हुए सभी विभागों को तीन दिन के भीतर सबसे जरूरी कार्यों की सूची शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यात्रा मार्ग से जुड़े जिलाधिकारियों को प्राथमिकता तय कर एक सप्ताह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और कार्यों को तेजी से शुरू करने को कहा गया है।
मंदिर परिसरों में मोबाइल पर रोक
अधिकारियों ने बताया कि धामों में वीडियो, रील और व्लॉग बनाने को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे थे। इसी कारण बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। यही नियम केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी लागू होगा। बीकेटीसी और संबंधित जिला प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर से पहले मोबाइल जमा करने की सुरक्षित और सुव्यवस्थित व्यवस्था करेंगे।
यात्रा मार्गों की सुविधाएं होंगी बेहतर
गढ़वाल आयुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एनएचआईडीसीएल, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्ग की सड़कों को 31 मार्च तक पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए। यात्रियों को बेहतर नेटवर्क सुविधा देने के लिए बीएसएनएल को अतिरिक्त संसाधन जुटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर स्थित होटलों और जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में ठहरने की व्यवस्थाओं को बेहतर करने, होल्डिंग प्वाइंट और पार्किंग स्थलों की क्षमता बढ़ाने तथा सभी संबंधित हितधारकों के साथ अलग से बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
