Chanakya Niti : दूसरों से उम्मीद रखना क्यों देता है सबसे ज्यादा दुख, जानिए चाणक्य की गहरी सीख

punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 03:28 PM (IST)

Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य नीतिशास्त्र और राजनीति के महान ज्ञाता थे। उन्हें अपने समय के ज्ञानी और बुद्धिमान पुरषों में से एक माना जाता है। उन्होंने अर्थशास्त्र के साथ-साथ बाकी विषयों का भी बहुत ज्ञान था। अपनी नीतियों में उन्होंने हर चीज को लेकर बहुत खास बातों का जिक किया है, जो आज के वर्तमान जीवन में भी हमें सही रास्ता दिखाती है। भागदौड़ भरी जीवन में लोग रिश्तों से लेकर करियर तक दूसरों से काफी हद तक उम्मीदें लगाकर बैठ जाते हैं। लेकिन चाणक्य का कहना है कि दूसरों से ज्यादा उम्मीद लगाना कई बार खुद को दुख पहुंचाता है। साथ ही जरूरत से ज्यादा किसी से उम्मीद लगाना हमें अंदर से कमजोर बना देता है। तो आइए जानते हैं कि हर किसी से ज्यादा उम्मीद रखना क्यों आपके लिए ही नुकसानदेह साबित हो सकता है।

खुद पर भरोसा कम हो जाता है
चाणक्य के अनुसार, जब व्यक्ति छोटी से छोटी चीजों के लिए दूसरों पर निर्भर होने लगता है और खुद आगे बढ़कर काम करने में संकोच करने लगते हैं, तो वह खुद पर भरोसा करना बंद कर देता है। उसे लगने लगता है कि सभी काम और खुशियां दूसरों के जरिए ही पूरे हो सकते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार, आत्मनिर्भर व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ता है। 

लोगों से बढ़ने लगती हैं दूरियां
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब हम लोगों से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें लगा लेते हैं, तो वह भी एक वक्त के बाद हमसे दूरी बनाने लगते हैं। रिश्तों से अपनापन भी खत्म होने लगता है। दूरियां बढ़ने का एक कारण यह भी है कि सामने वाले इंसान को कई बार ऐसा भी महसूस होने लगता है कि हम उनसे कुछ न कुछ पाना ही चाहते हैं।  

मेंटल पीस पर पड़ता है सीधा असर
चाणक्य के अनुसार, जब दूसरों से उम्मीद लगाकर बैठे रहते हैं और उनकी वो उम्मीद जब टूट जाती है, तो व्यक्ति अंदर से बेचैन हो जाता है। हर पल दिन-रात व्यक्ति वहीं चीजें सोचने लगता है कि उसने ऐसा मेरे साथ क्यों किया। ऐसा करना हमारे मेंटल पीस को पूरी तरह डिस्टब कर देता है और धीरे-धीरे मानसिक तनाव बढ़ने लगता है। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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